Maharashtra civic elections: अंबरनाथ में BJP-कांग्रेस गठबंधन पर बवाल, CM फडणवीस ने दी कार्रवाई की चेतावनी; कांग्रेस ने पार्षदों को किया निलंबित

Maharashtra civic elections: महाराष्ट्र में हालिया निकाय चुनावों के बाद स्थानीय स्तर पर बने असामान्य गठबंधनों ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। ठाणे जिले के अंबरनाथ नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और अजित पवार की NCP के साथ गठजोड़ कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना को सत्ता से बाहर रखा, जबकि अकोला जिले के अकोट नगर परिषद में BJP ने AIMIM सहित अन्य दलों से हाथ मिलाया। इन घटनाओं पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त रुख अपनाते हुए इन्हें ‘अनुशासनहीनता’ करार दिया और ऐसे गठबंधनों को तुरंत तोड़ने के आदेश दिए हैं।

अंबरनाथ नगर परिषद में 59 सदस्यों वाली परिषद में शिंदे गुट की शिवसेना ने सबसे ज्यादा 28 सीटें जीती थीं, जबकि BJP के पास 14, कांग्रेस के पास 12 और NCP (अजित पवार) के पास 4 सीटें हैं। बहुमत के लिए जरूरी numbers पूरा करने के लिए BJP ने कांग्रेस और NCP के साथ ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ बनाई, जिसके तहत BJP की पार्षद तेजश्री करंजुले पाटिल को बुधवार को परिषद अध्यक्ष चुना गया। उन्होंने शिवसेना की मनीषा वालेकर को हराकर शपथ ली।

शिवसेना के स्थानीय नेता बालाजी किणेकर ने इसे ‘अशोभनीय और असभ्य’ बताया और कहा कि BJP के वरिष्ठ नेताओं ने गठबंधन का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थानीय नेताओं ने धोखा दिया। BJP की ओर से गुलाबराव करंजुले-पाटिल ने सफाई दी कि गठबंधन भ्रष्टाचार मुक्त अंबरनाथ के लिए किया गया, क्योंकि चुनाव में उन्होंने कुछ नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रचार किया था।

कांग्रेस ने भी इस गठबंधन पर तुरंत कार्रवाई की। पार्टी ने अंबरनाथ के सभी 12 नवनिर्वाचित पार्षदों और ब्लॉक अध्यक्ष को निलंबित कर दिया। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि यह गठबंधन शिंदे गुट की कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ था, लेकिन स्थानीय नेताओं ने वरिष्ठ नेतृत्व की अनुमति के बिना फैसला लिया, इसलिए शो-कॉज नोटिस जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

अकोट नगर परिषद में भी BJP ने ‘अकोट विकास मंच’ बनाकर AIMIM, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT), शिंदे शिवसेना, NCP, शरद पवार की NCP (SP) और बच्चू कडू की प्रहार जनशक्ति पार्टी के साथ गठबंधन किया। यहां BJP ने 11 सीटें जीतीं, जबकि AIMIM ने 2। इस गठबंधन की कुल ताकत 25 पहुंच गई। AIMIM ने आरोप लगाया कि उनके कुछ पार्षद BJP में शामिल हो गए, जिसे पार्टी ने खारिज किया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को दोनों मामलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “यह अस्वीकार्य है। अंबरनाथ और अकोट में जो हुआ, वह ठीक नहीं। अगर स्थानीय नेताओं ने ऐसा किया है तो इसे तोड़ा जाएगा। यह अनुशासनहीनता है। कांग्रेस या AIMIM से गठबंधन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैंने कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं।”

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ये स्थानीय गठबंधन राज्य स्तर पर महायुति (BJP-शिंदे शिवसेना-NCP) और महा विकास अघाड़ी (कांग्रेस-UBT-शरद पवार NCP) की बड़ी राजनीति से अलग हैं, जहां ये दल एक-दूसरे के कट्टर विरोधी हैं। आने वाले दिनों में BJP और कांग्रेस की ओर से और कार्रवाई होने की संभावना है।

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