Mahaparinirvan Diwas: पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुरमू और राहुल गांधी समेत नेताओं ने डॉ. आंबेडकर को श्रद्धांजलि दी, विपक्ष ने कहा संविधान पर खतरा

नई दिल्ली: भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की 70वीं पुण्यतिथि पर महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर देशभर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुरमू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य प्रमुख राजनीतिक नेताओं ने संसद भवन परिसर में स्थित डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर राजनीतिक दलों ने सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लिया, जबकि विपक्ष ने संविधान पर कथित खतरे को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

सुबह होते ही संसद के प्रेरणा स्थल पर एकत्र हुए नेताओं ने डॉ. आंबेडकर को नमन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, “डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को महापरिनिर्वाण दिवस पर याद करते हुए। उनका दूरदर्शी नेतृत्व और न्याय, समानता तथा संवैधानिकता के प्रति अटूट समर्पण हमारी राष्ट्रीय यात्रा को निर्देशित करता रहता है।” उन्होंने आगे जोड़ा कि आंबेडकर के आदर्श विकसित भारत के निर्माण में हमारा मार्गदर्शन करें। राष्ट्रपति मुरमू ने भी पुष्प अर्पित कर सामाजिक न्याय के प्रणेता को श्रद्धांजलि दी, जबकि उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने संसद परिसर में आयोजित समारोह में भाग लिया।

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने श्रद्धांजलि के बाद एक्स पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने कहा, “हर भारतीय का संविधान खतरे में है।” गांधी ने डॉ. आंबेडकर के योगदान को रेखांकित करते हुए वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंता जताई, जो विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ एक प्रमुख राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देखी जा रही है। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने बताया कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा स्पीकर समेत कई मंत्री, सांसद और राहुल गांधी ने एक साथ श्रद्धांजलि दी, जो डॉ. आंबेडकर के प्रति राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।

राज्यों में भी श्रद्धांजलि का दौर चला। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी के नेतृत्व में बाबासाहेब के हर सपने को साकार किया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी संकल्प लिया कि सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को मजबूत करेंगे। तमिलनाडु में डीएमके नेता और मंत्री गीता जीव्हान के नेतृत्व में तूथुकुड़ी में पुष्पांजलि दी गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक्स पर पोस्ट कर डॉ. आंबेडकर को नमन किया।

एक्स पर ट्रेंडिंग #MahaparinirvanDiwas के तहत सैकड़ों पोस्ट्स में नेताओं और आम लोगों ने श्रद्धांजलि दी। पूर्व मुंबई एनसीबी जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने मुंबई में परिवार संग पुष्प अर्पित कर कहा कि शिक्षा ही दुखों का समाधान है और पंचशील के सिद्धांतों का पालन करें। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, भाजपा के पी. राजीव और अन्य ने स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए। बीआरएस पार्टी के नेताओं ने हैदराबाद में श्रद्धांजलि सभा की, जहां उन्होंने आंबेडकर के न्याय और समानता के संघर्ष को याद किया।

कांग्रेस सेवादल और अन्य संगठनों ने भी देशभर में जागरूकता कार्यक्रम चलाए, जहां डॉ. आंबेडकर के जीवन पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष की श्रद्धांजलियां राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि संविधान के 75वें वर्ष में विपक्ष की प्रतिक्रिया लोकसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में देखी जा रही है। डॉ. आंबेडकर का निधन 6 दिसंबर 1956 को हुआ था, और उनका योगदान दलित उत्थान, महिलाओं के अधिकार और सामाजिक समानता के लिए अविस्मरणीय है।

देश भर में लाखों लोग इस अवसर पर एकत्र हुए, जो आंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता को दर्शाता रहा है। सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए, जबकि विपक्ष ने इसे संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का मंच बनाया। महापरिनिर्वाण दिवस न केवल स्मृति का दिन है, बल्कि समानता के संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प भी।

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