4 फरवरी की घटना पर रिजिजू का वीडियो
इसी बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 4 फरवरी की उस घटना का वीडियो शेयर किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी। वीडियो में कांग्रेस की महिला सांसदें प्रधानमंत्री की कुर्सी के पास बड़ी तादाद में इकट्ठा दिख रही हैं। उनके हाथ में बैनर है, जिस पर लिखा है – “जो उचित समझो, वही करो”। यह वाक्य जनरल (रिटा.) एमएम नरवणे की किताब से जुड़े विवाद से लिया गया है।
रिजिजू और गिरिराज सिंह हाथ जोड़कर महिला सांसदों से हटने की गुजारिश करते दिख रहे हैं, लेकिन वे नहीं हटीं। रिजिजू ने लिखा, “कांग्रेस अपने सांसदों के इस नीच व्यवहार पर गर्व करती है। अगर हम BJP सांसदों को नहीं रोकते, तो बहुत गंदा दृश्य बन जाता। हमने संसद की गरिमा बचाई।” स्पीकर ओम बिरला ने पहले कहा था कि विरोधी सांसदों की योजना प्रधानमंत्री पर हमला करने की थी, इसलिए उन्होंने मोदी जी को सदन न आने की सलाह दी थी।
कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने रिजिजू पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “वीडियो में प्रधानमंत्री कहां हैं? रिजिजू ने खुद स्पीकर की बात गलत साबित कर दी। महिला सांसदें तो पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव और रिजिजू के पास खड़ी थीं।”
BJP की महिला सांसदों ने स्पीकर को चिट्ठी लिखकर विरोधी सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इसे “लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस” बताया है।
प्रस्ताव का आगे क्या?
अविश्वास प्रस्ताव पर स्पीकर को 14 दिनों के अंदर फैसला लेना होता है। विपक्ष का दावा है कि उनके पास पर्याप्त संख्या है। हालांकि सदन में बहुमत NDA के पास है, इसलिए प्रस्ताव का पारित होना मुश्किल माना जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और बजट सत्र का दूसरा चरण प्रभावित हो रहा है।

