कड़कड़डूमा कोर्ट में वकीलों की एकदिवसीय हड़ताल: पुलिस की निष्क्रियता पर गुस्सा, सहकर्मी पर हमला-लूट के बाद FIR पर कोई कार्रवाई नहीं; पुलिस प्रवेश पर भी प्रतिबंध

कड़कड़डूमा कोर्ट में वकीलों की एकदिवसीय हड़ताल: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट कॉम्प्लेक्स में आज (शुक्रवार) वकीलों ने फ्लैश हड़ताल कर सभी न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप कर दिया। शाहदरा बार एसोसिएशन (SBA) ने अपने एक सदस्य वकील पर हमला और लूट की घटना में पुलिस की कथित निष्क्रियता के विरोध में यह कदम उठाया। एसोसिएशन ने कोर्ट परिसर में पुलिस अधिकारियों के प्रवेश पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

शाहदरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वीके सिंह और मानद सचिव नरवीर डबास द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि गुरुवार को आपात बैठक बुलाई गई थी, जिसमें गाजीपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक वकील पर क्रूर हमला और लूट की घटना पर चर्चा हुई। घटना के बाद FIR दर्ज होने के बावजूद गाजीपुर थाने के SHO ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और उन्हें गिरफ्तार नहीं किया। सर्कुलर में आरोप लगाया गया कि SHO “वास्तविक दोषियों को बचाने के लिए जानबूझकर समय बिता रहा है और बहाने बना रहा है”।

सर्कुलर में आगे कहा गया कि पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जैसे मयूर विहार पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक वकील पर हत्या का प्रयास हुआ और गोली लगी, लेकिन पुलिस ने अब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। साथ ही पुलिस स्टेशनों में वकीलों के साथ बदसलूकी की कई शिकायतें हैं, जहां उनकी शिकायतों पर जानबूझकर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। इसलिए एसबीए की एक्जीक्यूटिव कमिटी ने सर्वसम्मति से 20 मार्च 2026 को पूर्ण कार्य बहिष्कार और कोर्ट परिसर में पुलिस प्रवेश पर प्रतिबंध का फैसला लिया।

घटना का विवरण: मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित वकील संजीव चौधरी पर गाजीपुर क्षेत्र में हमला किया गया और लूट की गई। हमलावरों की तस्वीरें और वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर देने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

दिल्ली के वकीलों का इतिहास: दिल्ली में लगभग 1.65 लाख पंजीकृत वकील हैं, जो पुलिस और प्रशासन के साथ बार-बार टकराव में रहते हैं। पिछले कुछ वर्षों में कई हड़तालें हो चुकी हैं, जैसे:
सितंबर 2023: गाजियाबाद में वकील हत्या और हापुड़ में हमले के विरोध में हड़ताल।
दिसंबर 2023: उत्तरम नगर मेट्रो स्टेशन पर पुलिस द्वारा वकील पर हमले के बाद द्वारका कोर्ट में बहिष्कार।
अगस्त 2024: पुलिस स्टेशन में वकीलों के वाहनों पर रोक के विरोध में।
जुलाई 2024: नए आपराधिक कानूनों और चैंबर मरम्मत नियमों के खिलाफ।
फरवरी 2025: एडवोकेट्स अमेंडमेंट बिल के खिलाफ।
जून 2025: चेक बाउंस मामलों की 34 डिजिटल कोर्ट्स के स्थानांतरण के विरोध में।
अगस्त 2025: पुलिस स्टेशनों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सबूत रिकॉर्डिंग के खिलाफ 6 दिनों की हड़ताल।

आज की हड़ताल से कड़कड़डूमा कोर्ट में सुनवाई, फाइलिंग और अन्य कार्य प्रभावित हुए हैं। स्थिति पर नजर बनी हुई है – यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो हड़ताल बढ़ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विरोध वकील समुदाय की सुरक्षा और पुलिस जवाबदेही की मांग को मजबूत कर रहा है।

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