घटना का पूरा विवरण अधिवक्ता फरीद अहमद (फेस-2 क्षेत्र निवासी) सूरजपुर जिला न्यायालय में प्रैक्टिस करते हैं और ककराला गांव में परिवार के साथ रहते हैं। पुलिस के अनुसार, मामला एक अपहरण केस से जुड़ा है—एक युवती की गाजियाबाद के युवक से शादी तय थी, लेकिन दिल्ली का एक युवक उससे एकतरफा प्रेम करता था और दबाव बना रहा था। आरोप है कि उस युवक ने लड़की के मंगेतर का अपहरण कर मारपीट की और दिल्ली बॉर्डर पर फेंक दिया। इस मामले में बिसरख थाने में अपहरण का केस दर्ज हुआ। मुख्य आरोपी पकड़ा गया, लेकिन उसके सहयोगी (जिसे अधिवक्ता का भाई बताया जा रहा है) की तलाश में पुलिस शनिवार रात साढ़े 11 बजे फरीद अहमद के घर पहुंची।
पीड़ित अधिवक्ता और उनके साथी अमित राणा, नीरज भाटी का आरोप:
पुलिस ने दरवाजा खुलवाया, जब भाई नहीं मिला तो फरीद अहमद को जबरन उठा लिया। परिवार के विरोध पर मारपीट की, भाभी के साथ अभद्रता की, उनके कपड़े फाड़े (हाथ में चोट आई है), मोबाइल छीनने की भी कोशिश की। रातभर कोतवाली में बंद रखकर मारपीट की गई, इतना ही नहीं मेडिकल कराने में भी देरी की गई।
रविवार सुबह जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी बोड़ाकी, सचिव शोभाराम चंदीला और अन्य अधिवक्ताओं ने कोतवाली पहुंचकर हंगामा किया। उन्होंने फरीद अहमद को छुड़वाया और पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। एसीपी पवन कुमार ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पुलिस का पक्ष और कार्रवाई एडीसीपी सेंट्रल आर.के. गौतम ने कहा कि पुलिस आरोपी की तलाश में गई थी, लेकिन अधिवक्ता ने दरवाजा बंद कर आरोपी को भगाने की कोशिश की, जिससे झड़प हुई। उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और चार पुलिसकर्मियों (दो SI और दो कॉन्स्टेबल) को निलंबित कर जांच सौंपी दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। पुलिस ने आरोपों को ‘निराधार’ बताते हुए कहा कि पूरी जांच से सच्चाई सामने आएगी।
अधिवक्ताओं की चेतावनी अधिवक्ता अमित राणा ने कहा, “अगर आरोपित पुलिसकर्मियों पर FIR नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन होगा, पुलिस कमिश्नर का घेराव करेंगे।” बार एसोसिएशन ने इसे पुलिस की मनमानी और वकीलों के सम्मान पर हमला बताया है। यह मामला ग्रेटर नोएडा में पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच तनाव को फिर उजागर कर रहा है। जांच के नतीजे आने तक स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। क्या FIR दर्ज होगी या जांच में पुलिस का पक्ष मजबूत होगा—यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

