शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने बयान जारी कर कहा, “अगर शाहरुख खान उसे खेलाते हैं और पैसा कमाते हैं, तो वह पैसा वहां आतंकवादियों को पालने और हमारे देश के खिलाफ साजिश रचने में इस्तेमाल होगा। हम इसे किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे।” उन्होंने बांग्लादेश और पाकिस्तान को दुश्मन देश करार देते हुए IPL में इन देशों के खिलाड़ियों का पूर्ण बहिष्कार मांगा। पार्टी ने केंद्र सरकार से भी इस मुद्दे पर समर्थन की अपील की है।
यह विवाद नया नहीं है। इससे पहले BJP नेता संगीत सोम और अन्य हिंदू संगठनों ने भी मुस्तफिजुर रहमान की IPL में भागीदारी पर आपत्ति जताई थी। उज्जैन के धार्मिक नेताओं ने IPL मैचों में व्यवधान की धमकी दी है, जबकि हरियाणा शिवसेना ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों को भारत न आने देने की बात कही। BCCI ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर कोई औपचारिक प्रतिबंध नहीं है, लेकिन राजनीतिक और धार्मिक दबाव बढ़ रहा है।
बांग्लादेशी कपड़ों पर बहिष्कार की सोशल मीडिया मुहीम
इसी मुद्दे की तर्ज पर बांग्लादेशी उत्पादों, खासकर कपड़ों के बहिष्कार की मुहीम सोशल मीडिया पर तेज हो गई है। डिकैथलॉन जैसी कंपनियों पर आरोप लग रहे हैं कि वे बांग्लादेश में बने कपड़े भारत में बेच रही हैं। रेडिट, फेसबुक, इंस्टाग्राम और X (ट्विटर) पर यूजर्स लिस्ट शेयर कर रहे हैं, जिसमें H&M, Uniqlo, Gap, Levi’s के साथ डिकैथलॉन का नाम शामिल है। कई पोस्ट्स में कहा गया है, “डिकैथलॉन के ज्यादातर कपड़े बांग्लादेश में बने हैं, इन्हें तब तक बहिष्कार करें जब तक वे बांग्लादेशी उत्पाद बेचना बंद न करें।”
एनआरआई और भारतीय यूजर्स हिंदुओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिए इन ब्रांड्स का बहिष्कार कर रहे हैं। दिसंबर 2025 में कई वायरल पोस्ट्स में डिकैथलॉन को टैग कर सवाल उठाए गए कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के बीच वे वहां के उत्पाद क्यों बेच रहे हैं।
हालांकि, किसी प्रमुख राजनीतिक दल या सरकार की ओर से डिकैथलॉन के खिलाफ कोई आधिकारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में बांग्लादेश से आयात पर भारत की ओर से प्रतिबंधों का जिक्र है, जिससे भारतीय कपड़ा उद्योग को फायदा हो रहा है, लेकिन डिकैथलॉन जैसी रिटेल कंपनियों पर कोई कानूनी या सरकारी एक्शन नहीं लिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक ब्रांड्स अब ऑर्डर भारत की ओर शिफ्ट कर रहे हैं, लेकिन बहिष्कार की मुहीम मुख्य रूप से सोशल मीडिया तक सीमित है।
यह मामला भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव को बढ़ावा दे रहा है। आने वाले दिनों में IPL 2026 से पहले इस विवाद के और बढ़ने की आशंका है।

