Kerala is now ‘Keralaam’: केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी, चुनाव से पहले बड़ा फैसला

Kerala is now ‘Keralaam: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को केरल राज्य का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर ‘केरलम’ करने को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में ‘सेवा तीर्थ’ (नए पीएमओ भवन) में हुई पहली कैबिनेट बैठक में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा करते हुए कहा, “केरल विधानसभा की मांग के अनुसार नाम बदलने का प्रस्ताव मंजूर हो गया है।”

यह फैसला केरल विधानसभा के दो बार पारित सर्वसम्मत प्रस्ताव के बाद आया है। अगस्त 2023 में पहला प्रस्ताव पारित हुआ था, जिसकी समीक्षा के बाद गृह मंत्रालय ने कुछ तकनीकी बदलावों के सुझाव दिए थे। इसके बाद 24-25 जून 2024 को विधानसभा ने दूसरी बार सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया। मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने इस मांग को राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान से जोड़ा था। उन्होंने कहा था कि मलयालम भाषा में राज्य को ‘केरलम’ ही कहा जाता है और यह नाम राज्य निर्माण (1956) के समय से चली आ रही मांग है।

अब क्या होगा आगे?
कैबिनेट की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति इस पर ‘केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026’ को केरल विधानसभा को राय देने के लिए भेजेंगे (संविधान अनुच्छेद 3 के प्रावधान के तहत)। विधानसभा की राय मिलने के बाद विधेयक संसद में पेश होगा और राष्ट्रपति की अंतिम अनुमति के बाद संविधान की पहली अनुसूची में बदलाव होगा। नया नाम सभी 22 आठवीं अनुसूची की भाषाओं में लागू होगा।

राजनीतिक मायने
यह फैसला केरल विधानसभा चुनाव (अप्रैल-मई 2026) से ठीक पहले आया है, जिसे LDF सरकार के लिए सकारात्मक संदेश माना जा रहा है। विपक्षी नेता शशि थरूर ने मजाकिया अंदाज में ट्वीट कर पूछा, “अब केरल के लोगों को ‘केरलाइट’ या ‘केरलमाइट’ कहेंगे?” केरल कांग्रेस और BJP दोनों ने इस फैसले का स्वागत किया है, जबकि कई भाषाविदों ने इसे मलयालम की मौलिक वर्तनी को सम्मान देने वाला कदम बताया।

पृष्ठभूमि
‘केरल’ नाम अंग्रेजी प्रभावित माना जाता है, जबकि ‘केरलम’ प्राचीन तमिल-मलयालम साहित्य और लोक परंपराओं में इस्तेमाल होता रहा है। राज्य सरकार का तर्क है कि यह बदलाव सिर्फ नाम का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वाभिमान का है।
केंद्र सरकार ने इसे बिना किसी देरी के मंजूर कर ऐतिहासिक कदम उठाया है। नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी आधिकारिक दस्तावेजों, मानचित्रों और सरकारी वेबसाइटों पर ‘केरलम’ नाम अपडेट होगा। स्थिति पर नजर बनी हुई है। आगे की अपडेट के लिए बने रहिए।

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