क्या हुआ कोर्ट में?
शिवम मिश्रा को आज सुबह गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने दावा किया कि सबूतों से साफ है कि हादसे के समय शिवम ही ड्राइविंग सीट पर थे। हालांकि, कोर्ट ने सुनवाई के बाद उन्हें 20 हजार रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया। शिवम ने खुद अपनी पैरवी की, जिसे लेकर चर्चा हो रही है।
हादसे की याद
8 फरवरी को VIP रोड पर 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो ने कई वाहनों और पैदल यात्रियों को टक्कर मारी थी। 6 लोग घायल हुए थे। शुरुआत में एफआईआर अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ दर्ज हुई, बाद में शिवम का नाम जोड़ा गया। परिवार और ड्राइवर मोहन का दावा था कि शिवम यात्री थे और उन्हें दौरा पड़ा था। पुलिस ने सीसीटीवी, गवाहों और वीडियो के आधार पर शिवम को ही आरोपी माना।
परिवार का दावा और समझौता
घायल ई-रिक्शा चालक ने समझौता कर केस वापस लेने की बात कही थी। ड्राइवर मोहन ने सरेंडर की कोशिश की, लेकिन कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया। अब शिवम की रिहाई से मामला नया मोड़ ले सकता है। जांच जारी है और कार की फॉरेंसिक जांच होगी। मामला काफी विवादास्पद रहा है। शिवम की रिहाई पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। आगे की सुनवाई में क्या होता है, इस पर नजर रहेगी।

