गिरफ्तारी और पुलिस का दावा
कानपुर पुलिस ने शिवम मिश्रा (35) को शहर में ही गिरफ्तार कर लिया गया। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सूचना मिली थी कि शिवम कानपुर में हैं, जिसके बाद पांच टीमों ने छापेमारी की। गिरफ्तारी के बाद मेडिकल जांच हुई और उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस 14 दिन की रिमांड मांगेगी। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों से साफ है कि हादसे के समय शिवम ही ड्राइविंग सीट पर थे। हादसे में 6 लोग घायल हुए थे और कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे। कार को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
नया वीडियो: नंबर प्लेट हटाने की कोशिश
नया वीडियो सामने आया है जिसमें हादसे के तुरंत बाद शिवम के बाउंसर्स कथित रूप से कार की रजिस्ट्रेशन प्लेट उतारने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। मकसद कार की पहचान छिपाना बताया जा रहा है। पहले भी सीसीटीवी फुटेज आई थी जिसमें हादसे से पहले और बाद की घटनाएं कैद हुईं, लेकिन टिंटेड ग्लास के कारण ड्राइवर की पहचान स्पष्ट नहीं थी।
परिवार और मोहन का दावा
शिवम के पिता केके मिश्रा ने पहले कहा था कि ड्राइवर मोहन गाड़ी चला रहा था और कार में तकनीकी खराबी आई। मोहन ने कोर्ट में सरेंडर की कोशिश की और दावा किया कि शिवम को अचानक दौरा पड़ा, जिससे वह उन पर गिर गए और हादसा हुआ। मोहन ने कहा कि लॉकिंग सिस्टम की वजह से बाहर निकलने में देरी हुई, फिर उन्होंने शिवम को ड्राइवर सीट पर शिफ्ट किया। हालांकि कोर्ट ने मोहन का सरेंडर स्वीकार नहीं किया और पुलिस की रिपोर्ट मांगी है। घायल ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक ने भी समझौता कर केस वापस लेने की बात कही है, लेकिन पुलिस सबूतों के आधार पर शिवम को ही आरोपी मान रही है।
हादसे की याद
8 फरवरी दोपहर करीब 3 बजे VIP रोड पर 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो ने पैदल यात्रियों और वाहनों को टक्कर मार दी थी उसके बाद कार डिवाइडर पर चढ़कर रुकी। शुरुआती एफआईआर अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ दर्ज हुई थी, बाद में शिवम का नाम जोड़ा गया। मामला काफी चर्चित हो गया है और पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह जैसे विशेषज्ञों ने गिरफ्तारी में देरी पर सवाल भी उठाए हैं। जांच जारी है और कोर्ट का फैसला तय करेगा कि मामला आगे कैसे बढ़ेगा।

