दुर्घटना का विवरण रेडबर्ड एयरवेज (Redbird Airways) का बीचक्राफ्ट सी-90 विमान (VT-AJV) सोमवार शाम 7:11 बजे रांची एयरपोर्ट से उड़ा। दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ले जा रहे मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए यह एयर एंबुलेंस किराए पर लिया गया था। उड़ान भरने के 23 मिनट बाद रात 7:34 बजे विमान ने कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया और खराब मौसम (तूफान) के कारण रूट डेविएशन की मांग की। ठीक उसी समय विमान का संचार और रडार संपर्क टूट गया। दुर्घटना स्थल चतरा जिले के सिमरिया ब्लॉक के कसारिया/बरियातू पंचायत के घने जंगल में है, जो वाराणसी से लगभग 100 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में पड़ता है।
स्थानीय अधिकारियों और एसएसबी के अनुसार, दुर्घटना के समय क्षेत्र में तेज हवाएं, भारी बारिश, बिजली और गरज के साथ तूफान चल रहा था। विमान जंगल के बीचों-बीच गिरा, जिससे बचाव कार्य बेहद मुश्किल हो गया था। रात में 2 किलोमीटर घने जंगल में पैदल चलकर टीम को शवों तक पहुंचना पड़ा। केवल एक स्ट्रेचर उपलब्ध था। सभी 7 शव बरामद कर चतरा सदर अस्पताल भेज दिए गए हैं, जहां पोस्टमॉर्टम चल रहा है। पीड़ित परिवार की दर्दनाक कहानी मृतक संजय कुमार चंदवा कस्बे (लातेहार जिला) के रहने वाले थे। वे एक छोटे होटल के मालिक और परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। करीब एक हफ्ता पहले (16 फरवरी के आसपास) होटल में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिसमें संजय को 60-65% तक जल गए। उन्हें पहले देवकमल अस्पताल रांची में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर परिवार ने दिल्ली शिफ्ट करने का फैसला किया।
गरीब परिवार के पास इतना पैसा नहीं था। संजय के भाई अजय (हरियाणा सरकार में नौकरी) ने बताया कि परिवार ने जमीन-जायदाद बेचने तक का सोचा, लेकिन आखिरकार रिश्तेदारों और दोस्तों से 8 लाख रुपये कर्ज लेकर एयर एंबुलेंस किराए पर लि। संजय की पत्नी अर्चना देवी और रिश्तेदार धुरू कुमार भी उनके साथ थे। परिवार का कहना है कि सड़क मार्ग से ले जाना संभव नहीं था, क्योंकि मरीज की हालत बहुत नाजुक थी।
पीड़ितों की सूची
1. कैप्टन विवेक विकास भगत (पायलट-इन-कमांड)
2. कैप्टन सवरजदीप सिंह (को-पायलट)
3. संजय कुमार (41, मरीज)
4. अर्चना देवी (संजय की पत्नी, अटेंडेंट)
5. धुरू कुमार (रिश्तेदार, अटेंडेंट)
6. डॉ. विकास कुमार गुप्ता (डॉक्टर)
7. सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिक)
जांच शुरू डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम मंगलवार दोपहर 1 बजे दुर्घटना स्थल पहुंच चुकी है। ब्लैक बॉक्स रिकवर करने की कोशिश जारी है। AAIB की टीम आज दिल्ली में रेडबर्ड एविएशन के ऑफिस का भी दौरा करेगी। ऑपरेटर के एमडी अक्षय कुमार ने बताया कि हाल ही में बारामती क्रैश के बाद कंपनी का स्पेशल ऑडिट हो चुका था और दोनों पायलट अनुभवी थे। यह एक महीने के अंदर दूसरी बड़ी विमान दुर्घटना है। मौसम को मुख्य वजह माना जा रहा है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट आने में समय लगेगा। इस हादसे ने पूरे झारखंड को झकझोर दिया है। गरीब परिवार की जिंदगी बचाने की आखिरी कोशिश भी मौत में बदल गई। शोक संतप्त परिवार को मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार से मदद की मांग की जा रही है।

