पुलिस जांच में पता चला कि हत्या पहले से प्लान की गई थी। राम सिंह ने हत्या से पहले ही लकड़ियां इकट्ठी कर ली थीं और नीला बॉक्स खरीदा था। प्रीति पर किसी अन्य व्यक्ति से फोन पर बात करने और पैसे की ज्यादा डिमांड का शक था। 8 जनवरी के आसपास किराए के मकान में हत्या की गई। शव को तिरपाल में लपेटकर बॉक्स में रखा और जलाया।
ऐसे हुआ खुलासा
रविवार भोर में अधजले अवशेष बैग में भरकर ऑटो से ठिकाने लगाने जा रहे थे। बॉक्स से पानी टपक रहा था और दुर्गंध आ रही थी। ऑटो चालक को शक हुआ और उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने छानबीन की तो राम सिंह भागने की कोशिश में पकड़ा गया। बाद में गीता और नितिन भी गिरफ्तार हुए। हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई।
ताजा अपडेट
पुलिस ने 24 घंटे में मामले का खुलासा किया। राम सिंह ने जुर्म कबूल लिया है। अब उसे एनकाउंटर का डर सताने लगा है। फॉरेंसिक जांच जारी है। एसएसपी ने कहा कि आरोपी का इरादा राख नदी में बहाने का था, लेकिन पहले ही पकड़ा गया। प्रीति खातीबाबा की रहने वाली थी और रेलवे अफसर के घर काम करती थी, वहीं राम सिंह से संबंध बन गए।
यह वारदात रिश्तों की जटिलता और अपराध की हैवानियत की मिसाल बन गई है। इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।

