अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को तेहरान में अमेरिका-इज़राइल के शुरुआती हवाई हमलों में हुई थी। इन हमलों में उनके कार्यालय पर हमला हुआ, जिसमें उनकी पत्नी, मोजतबा की पत्नी और उनके एक बेटे की भी मौत हो गई। मोजतबा के मौजूद होने या न होने की पुष्टि नहीं हुई है। 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को लंबे समय से उनके पिता के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा था। वे पर्दे के पीछे से काफी प्रभावशाली रहे हैं, खासकर इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और सुरक्षा तंत्र के साथ उनके गहरे संबंधों के कारण। उन्होंने ईरान-इराक युद्ध (1980-1988) में हिस्सा लिया था और क़ुम में कट्टरपंथी क्लेरिक आयतुल्लाह ताक़ी मेस्बाह यज़्दी के अधीन धार्मिक शिक्षा प्राप्त की। 2005 और 2009 में पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के अभियानों में सक्रिय रहे और 2009 के विरोध प्रदर्शनों को कुचलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विश्लेषकों के अनुसार, मोजतबा के पास पर्याप्त धार्मिक योग्यता की कमी और राजवंशीय उत्तराधिकार (dynastic succession) पर असहमति जैसी कमजोरियां थीं, लेकिन युद्ध के हालात में उनकी कट्टरपंथी छवि और IRGC से जुड़ाव ने उन्हें मजबूत बनाया। ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन की सुज़ैन मालोनी और अन्य विशेषज्ञों ने कहा है कि वर्तमान संकट ने उनकी स्थिति को और मजबूत किया है। इस घोषणा के बाद ईरान की सेना, IRGC और राजनीतिक नेताओं ने मोजतबा के प्रति निष्ठा जताई है। हालांकि, इज़राइल ने चेतावनी दी है कि कोई भी नया नेता और उसे चुनने वाले असेंबली सदस्य उनके निशाने पर होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि बिना उनकी मंजूरी के नया नेता “ज्यादा दिन नहीं टिकेगा”।
युद्ध अभी भी जारी है:
सोमवार (9 मार्च) को ईरान ने इज़राइल, यूएई और अन्य क्षेत्रीय लक्ष्यों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।इज़राइल ने तेहरान और बेरूत में हमले तेज किए, जिसमें हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया।अमेरिका ने सऊदी अरब से गैर-जरूरी कर्मचारियों को निकालने का आदेश दिया। युद्ध के चलते तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं, जिससे वैश्विक बाजार प्रभावित हो रहे है। यह नियुक्ति ईरान में कट्टरपंथियों के मजबूत पकड़ को दर्शाती है, जबकि देश विदेशी हमलों और आंतरिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। स्थिति तेजी से बदल रही है, और युद्ध के आगे बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

