ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध: ट्रंप ने जापानी प्रधानमंत्री के सामने पर्ल हार्बर मारा जोक; F-35 पर ईरानी हमला, तेल बाजार में हाहाकार

ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध: ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष अब हॉर्मुज स्ट्रेट पर केंद्रित हो गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के माइन बिछाने वाले 44 जहाजों को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिसमें 16 जहाज स्ट्रेट के पास थे। यह कार्रवाई ईरान की ब्लॉकेड रणनीति को तोड़ने के लिए की गई है, जिससे वैश्विक तेल व्यापार (दुनिया का 20%) प्रभावित हो रहा है।

मीडिया के अनुसार, यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 10 मार्च को वीडियो जारी किया था, जिसमें 16 माइन-लेइंग वेसल्स को निशाना बनाया गया। इस हफ्ते बंकर-बस्टिंग बमों से ईरानी तट पर हमले किए गए। एयर फोर्स के A-10 वारथॉग जेट्स अब “इन द फाइट” हैं और तेज गति वाले ईरानी बोट्स का पीछा कर रहे हैं। जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ चेयरमैन जनरल डैन केन ने 20 मार्च को पेंटागन ब्रिफिंग में कहा, “हमने ईरान की माइनिंग क्षमता को खत्म करने के लिए 44 जहाज नष्ट किए हैं।” उन्होंने कहा कि अगर जरूरी हुआ तो कमर्शियल शिप्स को एस्कॉर्ट करने के विकल्प पर विचार किया जाएगा। दो एंटी-माइन शिप्स (USS Tulsa और USS Santa Barbara) मेंटेनेंस पर हैं, जिससे माइन स्वीपिंग चुनौती बढ़ गई है। ईरान छोटे फिशिंग बोट्स को माइन-लेइंग के लिए इस्तेमाल कर रहा है। इससे तेल टैंकर स्ट्रेट से बच रहे हैं और वैश्विक तेल बाजार पर असर पड़ रहा है।

ट्रंप का पर्ल हार्बर जोक: इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 मार्च को ओवल ऑफिस में जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाईची के साथ बैठक में विवादास्पद जोक मारा। एक जापानी रिपोर्टर ने पूछा कि ईरान पर हमले से पहले सहयोगियों (जापान सहित) को क्यों नहीं बताया गया। ट्रंप ने जवाब दिया: “We went in very hard and we didn’t tell anybody about it because we wanted surprise. Who knows better about surprise than Japan? OK, why didn’t you tell me about Pearl Harbor?” उन्होंने आगे कहा, “You believe in surprise, I think, much more than us.”

जापानी प्रधानमंत्री ने आंखें चौड़ी कीं, गहरी सांस ली और चुप रहे। कमरे में सन्नाटा छा गया। जापान में इस जोक पर नाराजगी और आलोचना भी हुई है। ट्रंप ने इसी बैठक में कहा कि अगर जरूरी हुआ तो यूएस नेवी कमर्शियल शिपिंग को कॉन्वॉय में एस्कॉर्ट करेगी और “NATO से कुछ नहीं चाहिए, जापान आगे बढ़ रहा है।”

अन्य ताजा अपडेट्स: इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने अमेरिका को गुमराह नहीं किया और ईरान के असलुयेह गैस कॉम्पाउंड पर हमला इजरायल ने अकेले किया था। ट्रंप के अनुरोध पर आगे हमले रोके गए हैं। उधर, ईरान के ऊपर एक US F-35 स्टेल्थ प्लेन ईरानी फायर से टकराया और इमरजेंसी लैंडिंग की – यह युद्ध में पहला अमेरिकी विमान हिट हुआ है।

अमेरिका ने UAE, कुवैत और जॉर्डन को 16 अरब डॉलर के हथियार आपातकालीन बिक्री के तहत भेजे हैं। युद्ध के पहले 6 दिनों में ही 11.3 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं। ट्रंप ने 200 अरब डॉलर अतिरिक्त डिफेंस फंड की मांग की है।

युद्ध की पृष्ठभूमि: 28 फरवरी 2026 को ट्रंप-इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई मारे गए। ईरान तब से मिसाइल-ड्रोन हमले और हॉर्मुज में माइनिंग कर रहा है। स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण है। जनरल डैन केन और डिफेंस सेक्रेटरी पेटे हेगसेथ की ब्रिफिंग जारी है। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। कोई शांति वार्ता की खबर नहीं।

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