Iran protests live updates: 2000 के करीब मौतें, अमेरिका ने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की चेतावनी दी, कतर बेस पर लड़ाकू विमानों की गतिविधि बढ़ी

Iran protests live updates(शाम 6 बजे तक के अपडेट): ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद सबसे गंभीर संकट का रूप ले लिया है। एक ईरानी अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि अब तक करीब 2,000 लोग मारे गए हैं, जिनमें आम नागरिक और सुरक्षा बल दोनों शामिल हैं। अधिकारी ने इन मौतों का दोष “आतंकवादियों” पर डाला। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार मौतों की संख्या कम से कम 646 है और यह और बढ़ सकती है। 10,000 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं तथा देश में इंटरनेट ब्लैकआउट जारी है।

मौतों की बढ़ती संख्या और सरकारी दावे
• अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन HRANA ने कहा कि प्रदर्शनों में कम से कम 646 लोगों की मौत हुई है। संगठन का कहना है कि इंटरनेट प्रतिबंधों के बावजूद जानकारी आने पर यह आंकड़ा और बढ़ेगा।
• ईरान की राज्य टीवी ने तेहरान के कोरोनर ऑफिस में दर्जनों बॉडी बैग्स की तस्वीरें दिखाईं और दावा किया कि ये “सशस्त्र आतंकवादियों” के हमलों में मारे गए लोग हैं।
• सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तेहरान के पास कहरिजाक फोरेंसिक सेंटर के बाहर सड़क पर बॉडी बैग्स रखे दिख रहे हैं, जहां परिजन शवों की शिनाख्त कर रहे हैं।

अमेरिकी सैन्य गतिविधि और नागरिकों को चेतावनी
• कतर स्थित अल उदैद एयर बेस पर अमेरिकी लड़ाकू विमानों की गतिविधि तेज हो गई है। यह बेस ईरान की सीमा से महज 200-300 किमी दूर है और यहां 10,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
• इजरायली मीडिया के अनुसार रविवार रात को KC-135 टैंकर विमान और B-52 स्ट्रैटेजिक बॉम्बर उड़ान भरते देखे गए।
• अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों को इमरजेंसी अलर्ट जारी कर तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है। चेतावनी में बढ़ते सुरक्षा खतरों और क्षेत्रीय तनाव का हवाला दिया गया।

संचार में आंशिक राहत
• मंगलवार को ईरान में अंतरराष्ट्रीय आउटगोइंग कॉल्स आंशिक रूप से बहाल हो गईं। तेहरान से कई लोग विदेशी पत्रकारों से संपर्क कर पाए, लेकिन इनकमिंग कॉल्स अभी भी मुश्किल हैं।
• यह कदम प्रदर्शनकारियों पर नियंत्रण बनाए रखते हुए चुनिंदा राहत देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और अपीलें
• निर्वासित शाहजादे रेजा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से प्रदर्शनकारियों का सक्रिय समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईरानी अवाम को विदेशी सैन्य हस्तक्षेप नहीं, बल्कि राजनीतिक समर्थन चाहिए, जो रेजीम चेंज को तेज कर सकता है।
• लंदन में ईरानी दूतावास के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने रैली की। पुराने शाही ईरान के झंडों के साथ अमेरिकी और इजरायली झंडे भी लहराए गए। प्रदर्शनकारी “मेक ईरान ग्रेट अगेन” के नारे लगा रहे थे।
• संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा पर “हॉरिफाइड” होने की बात कही। नीदरलैंड ने ईरानी राजदूत को तलब कर अत्यधिक बल प्रयोग की निंदा की और इंटरनेट बहाली की मांग की।
• ट्रंप प्रशासन में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो कूटनीति को प्राथमिकता देने की सलाह दे रहे हैं, हालांकि सैन्य विकल्प भी विचाराधीन हैं। तेहरान ने बातचीत के लिए तैयार होने का संकेत दिया है।

प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव जारी है तथा क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है। कोई नया अपडेट आने पर जानकारी दी जाएगी।

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