Iran GenZ Protests Updates: ईरान में आर्थिक संकट से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुके हैं और शासन-विरोधी आंदोलन का रूप ले चुके हैं। प्रदर्शन 28 दिसंबर 2025 से चल रहे हैं और आज 14वें दिन में प्रवेश कर गए हैं। देश में इंटरनेट ब्लैकआउट 24 घंटे से अधिक समय से जारी है, जिससे जानकारी का प्रवाह सीमित हो गया है।
इस कार्रवाई का प्रतीकात्मक अर्थ
यह प्रदर्शन सिर्फ तस्वीर जलाने से कहीं आगे है। विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं के अनुसार:
• खामेनेई की तस्वीर जलाना → इस्लामिक गणराज्य के सर्वोच्च नेता और पूरे शासन के प्रति घोर अवमानना को दर्शाता है।
• जलती तस्वीर से सिगरेट सुलगाना → नेता की छवि को बेकार कागज की तरह इस्तेमाल करना, जैसे कोई सस्ती जलाने की चीज। यह बेहद अपमानजनक संदेश देता है कि शासन अब लोगों की नजर में कुछ नहीं रह गया।
• महिलाओं द्वारा यह करना → दोहरा विद्रोह है। ईरान के रूढ़िवादी समाज में महिलाओं का सार्वजनिक रूप से सिगरेट पीना सामाजिक और धार्मिक प्रतिबंधों के खिलाफ है। कई वीडियो में महिलाएं बिना हिजाब के नजर आ रही हैं, जो अनिवार्य हिजाब कानून की सीधी चुनौती है।
यह कार्रवाई ज्यादातर शांत लेकिन शक्तिशाली है – महिलाएं बिना नारे लगाए, बिना तख्ती उठाए, सिर्फ इस प्रतीकात्मक कार्य से अपना विरोध दर्ज करा रही हैं। सोशल मीडिया पर इसे “मौन क्रांति” कहा जा रहा है।
खामेनेई का बयान और कड़ी चेतावनी
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामेनेई ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी “अपनी सड़कों को बर्बाद कर रहे हैं ताकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश किया जा सके”। खामेनेई ने ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
इसके साथ ही ईरान की न्यायपालिका प्रमुख गोलामहोसैन मोहसेनी-एजेई ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ “निर्णायक और अधिकतम सजा” की चेतावनी दी है, बिना किसी कानूनी रियायत के।
मौतें और गिरफ्तारियां
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 62 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,300 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं। कुछ रिपोर्ट्स में मौतों की संख्या 50 से अधिक बताई जा रही है, जिसमें बच्चे भी शामिल हैं। नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स संगठन ने 51 प्रदर्शनकारियों की मौत की पुष्टि की है, जिनमें नौ बच्चे हैं।
रेजा पहलवी की अपील
निर्वासित शाह के पुत्र और विपक्षी नेता रेजा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से ईरान के लोगों की मदद के लिए तैयार रहने की अपील की है। उन्होंने लोगों से सड़कों पर उतरकर सुरक्षा बलों को संख्या बल से दबाने का आह्वान किया। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहलवी ने प्रदर्शनों को जारी रखने और शहरों पर कब्जा करने की बात कही है।

ट्रंप की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई तो अमेरिका “बहुत कड़ा जवाब” देगा। ट्रंप ने कहा, “ईरान बड़ी मुश्किल में है” और प्रदर्शनकारियों को कुचलने की कोशिश न करने की सलाह दी।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
यूरोपीय संघ, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की निंदा की है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता शिरीन एबादी ने इंटरनेट ब्लैकआउट को “नरसंहार की आड़” बताया। अमेरिका ने ईरान के आरोपों को “भ्रमपूर्ण” करार दिया।
प्रदर्शन आर्थिक मुद्दों से शुरू हुए थे, लेकिन अब शासन परिवर्तन की मांग तक पहुंच गए हैं। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और आगे कड़ी कार्रवाई की आशंका है।

