विवाद की शुरुआत तब हुई जब शिव सेना (UBT) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने KKR के मालिक शाहरुख खान पर तीखा हमला बोला। दुबे ने कहा, “अगर शाहरुख खान इस खिलाड़ी को खेलाते हैं और पैसा कमाते हैं, तो वो पैसा वहां आतंकवादियों को पालने और हमारे देश के खिलाफ साजिश रचने में इस्तेमाल होगा। हम इसे किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे।” उन्होंने बांग्लादेश और पाकिस्तान को भारत का दुश्मन बताते हुए दोनों देशों के खिलाड़ियों पर IPL में पूर्ण प्रतिबंध की मांग की। दुबे ने आगे कहा, “हिंदू, सनातनी और शिवसैनिक होने के नाते हम इसकी विरोध करेंगे। अगर शाहरुख खान खिलाड़ी को हटाते हैं तो उनका सम्मान करेंगे, लेकिन देशहित के खिलाफ कोई कदम बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
शिव सेना (UBT) ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बताते हुए केंद्र सरकार से समर्थन मांगा है। दुबे ने कहा, “हम देशद्रोहियों को भारत में प्रवेश नहीं करने देंगे और सरकार से इस पर साथ देने की अपील करते हैं।”
इससे पहले दिसंबर में BJP नेता संगीत सोम ने भी शाहरुख खान पर हमला बोला था। सोम ने शाहरुख को “देशद्रोही” करार देते हुए कहा था कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की खबरें आ रही हैं, फिर भी IPL जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर वहां के खिलाड़ी को जगह देना राष्ट्रीय हित के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर मुस्तफिजुर भारत आते हैं तो स्थिति अनुकूल नहीं होगी।
राजनीतिक दलों के इस तीव्र विरोध और बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति को देखते हुए BCCI ने त्वरित कार्रवाई की। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने पुष्टि की कि KKR को मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश दिया गया है। KKR ने आधिकारिक बयान में कहा, “BCCI/IPL के नियामक के रूप में दिए निर्देश के अनुसार हमने मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज कर दिया है।”
पूर्व भारतीय क्रिकेटर मदन लाल ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि BCCI पर राजनीतिक दबाव डाला गया और खेल में राजनीति का दखल बढ़ रहा है, जो चिंताजनक है।
यह मामला खेल और राजनीति के बीच की बढ़ती खाई को उजागर करता है। IPL में विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी लंबे समय से चलन है, लेकिन राष्ट्रीय भावनाओं और द्विपक्षीय संबंधों के चलते कभी-कभी ऐसे विवाद सामने आते हैं। KKR को अब रिप्लेसमेंट खिलाड़ी लेने की अनुमति मिल सकती है।

