New Delhi news उत्तर जिले की साइबर पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबरक्राइम सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो सोशल मीडिया पर मासूम लोगों को फंसाकर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक नाबालिग और एक नाइजीरियाई नागरिक समेत चार ठगों को पकड़ा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुलिबली अमारा (32), कुणाल उर्फ सोनू (31), अंश ओबेरॉय (22) और एक 16 वर्षीय नाबालिग के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से 22 मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड (3 यूके के), 1 डेबिट कार्ड और 1 नोटबुक बरामद की है।
डीसीपी राजा बांठिया ने वीरवार को बताया कि बुराड़ी की 40 वर्षीय महिला ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि 08 अप्रैल 2025 को उसे व्हाट्सएप पर ‘नितिन पटेल’ नामक व्यक्ति ने दोस्ती के लिए मैसेज किया। बाद में उसे पार्सल और कैश पाने का लालच दिया गया। 16 अप्रैल को 40,000 रुपये का पेमेंट किया गया। इसके बाद अलग-अलग बहाने बनाकर कुल 4.20 लाख रुपये की ठगी की गई।
जांच और गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने दिल्ली में कई छापेमारी और तकनीकी जांच के बाद आरोपी कुलिबली अमारा, दो भारतीय आरोपी अंश ओबेरॉय और कुणाल, और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया। टीम ने मोबाइल सीडीआर, आईएमईआई और बैंक लेनदेन के माध्यम से रैकेट के कामकाज का भंडाफोड़ किया।
रैकेट का काम करने का तरीका
डीसीपी के अनुसार, सिंडिकेट का सरगना कुलिबली अमारा, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिंडर और मैट्रिमोनियल ऐप्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर अकेले लोगों से दोस्ती करता था। बातचीत के दौरान वह पीड़ितों को महंगे तोहफे और विदेशी करेंसी भेजने का लालच देता था और कस्टम ड्यूटी, लेट फीस, ट्रांसपोर्टेशन चार्ज आदि के नाम पर मोटी रकम वसूलता था। जांच के दौरान एनसीआरपी पोर्टल पर इसी तरह की 10 और शिकायतें भी दर्ज मिलीं हैं।

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