चीटियों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी: 10 मार्च 2026 को नैरोबी के जोमो केन्याटा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर 27 वर्षीय चीनी नागरिक झांग केकुन को उस समय रोका गया, जब वह चीन के लिए उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था। हवाईअड्डा अधिकारियों ने उसके सामान में कुछ असाधारण पाया ‘मेसर सैफालोड्स’ (Messor cephalotes) प्रजाति की 1,948 जीवित रानी चींटियाँ विशेष टेस्ट ट्यूबों में सावधानी से पैक की गई थीं, और लगभग 300 और चींटियाँ तीन टिशू पेपर रोलों में छुपाकर रखी गई थीं। कुल बरामदगी 2,238 चींटियों की थी।
केन्याई नागरिक भी गिरफ्तार, घर से मिले सैकड़ों चींटियाँ और सीरिंज
16 मार्च को केन्याई अभियोजन निदेशालय ने एक स्थानीय नागरिक चार्ल्स मवांगी को भी जोमो केन्याटा एयरपोर्ट कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने उसके घर की तलाशी में 1,000 अनपैक्ड जीवित बगीचा चींटियाँ, 113 चींटियाँ संशोधित सीरिंजों में पैक की हुईं और 503 खाली सीरिंजें बरामद कीं। अभियोजकों का मानना है कि मवांगी ने ही झांग केकुन को ये चींटियाँ सप्लाई की थीं।
पहले भी फरार हो चुका था झांग
यह कोई साधारण मामला नहीं है। जांच में पता चला कि झांग केकुन को 2025 में भी पकड़ा जाना था, लेकिन वह अलग पासपोर्ट का इस्तेमाल कर चीन भाग निकला था। इस बार केन्याई इमीग्रेशन अधिकारियों ने उसके पासपोर्ट पर “स्टॉप ऑर्डर” लगाया हुआ था, जिससे वह पकड़ा गया।
व्यापक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा
जांचकर्ताओं ने बताया कि झांग केन्या में दो सप्ताह से था और उसे तीन स्थानीय साथियों ने चींटियाँ उपलब्ध कराई थीं। उल्लेखनीय है कि झांग की गिरफ्तारी के उसी दिन बैंकॉक में भी केन्या से भेजी गई चींटियों की एक खेप जब्त की गई, जो एक सुव्यवस्थित अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
इससे पहले भी हो चुका है ऐसा मामला
2025 में भी केन्या में इसी तरह का मामला सामने आया था, जब चार लोगों — दो बेल्जियन, एक वियतनामी और एक केन्याई को 5,000 से अधिक चींटियाँ तस्करी करते हुए पकड़ा गया था। उन्होंने दोषी पाए जाने पर 7,700 डॉलर का जुर्माना भरा या 12 महीने जेल की सजा चुनी।
क्यों इतनी कीमती हैं ये चींटियाँ?
मेसर सैफालोड्स पूर्वी अफ्रीका की एक विशाल हार्वेस्टर चींटी प्रजाति है, जिसकी कालोनी में हजारों की संख्या में चींटियाँ होती हैं। यूरोप और एशिया में “फॉर्मिकेरियम” यानी कृत्रिम पारदर्शी घरों में चींटियों की कालोनियाँ रखने का शौक तेजी से बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक रानी चींटी की कीमत 220 डॉलर (लगभग 18,500 रुपये) तक हो सकती है।
पर्यावरण को खतरा
केन्या वाइल्डलाइफ सर्विस (KWS) ने चेतावनी दी है कि इन चींटियों को उनके प्राकृतिक आवास से बड़े पैमाने पर हटाने से पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान हो सकता है। हार्वेस्टर चींटियाँ मिट्टी की सेहत और जैव विविधता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। झांग केकुन के फोन और लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच जारी है और पुलिस अधिक गिरफ्तारियों की उम्मीद जता रही है। यह मामला वन्यजीव तस्करी के बदलते और चौंकाने वाले स्वरूप को उजागर करता है जहाँ हाथीदांत और गैंडे की जगह अब चींटियाँ भी अवैध व्यापार का जरिया बन चुकी हैं।

