New Delhi news भारतीय रेलवे ने साल 2026 के लिए टाइमटेबल एग्रीगेशन (टीएजी) लागू करते हुए देशभर में ट्रेनों के संचालन में बड़ा सुधार किया है। इस योजना के तहत नई ट्रेनों की शुरुआत, मौजूदा सेवाओं का विस्तार, फ्रीक्वेंसी और गति बढ़ाने जैसे कई कदम उठाए गए हैं।
टीएजी 2026 के तहत कुल 122 नई ट्रेनें शुरू की गई हैं। इनमें 26 अमृत भारत ट्रेनें, 60 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें, 28 वंदे भारत, 2 हमसफ़र, 2 जन शताब्दी, 2 नमो भारत रैपिड रेल सेवाएं और 2 राजधानी ट्रेनें शामिल हैं। यानी नई सेवाओं में प्रीमियम, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का संतुलित मिश्रण है।
ज़ोनवार विस्तार
विभिन्न ज़ोन में नई ट्रेनें और विस्तार के आँकड़े प्रभावशाली हैं।
- ईस्ट सेंट्रल रेलवे (ईसीआर): 20 नई, 20 बढ़ाई गईं, 12 की स्पीड तेज़
- नॉर्दर्न रेलवे (एनआर): 20 नई, 10 बढ़ाई गईं, 24 की स्पीड बढ़ी
- नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे (एनडबल्यूआर): 12 नई, 6 बढ़ाई गईं, 89 की स्पीड बढ़ी
- साउथ वेस्टर्न रेलवे (एसडबल्यूआर): 8 नई, 6 बढ़ाई गईं, 8 सुपरफास्ट में बदलीं और 117 की स्पीड बढ़ी (सभी ज़ोन में सर्वाधिक)
- अन्य ज़ोन जैसे सीआर, ईआर, डबल्यूआर और एसआर ने भी नई सेवाओं और गति सुधार में अहम भूमिका निभाई।
स्पीड सुधार के आंकड़े
देशभर में 549 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई है, जिनमें से 376 की स्पीड 5-15 मिनट, 105 की 16-30 मिनट, 48 की 31-59 मिनट और 20 की 60 मिनट या उससे अधिक सुधारी गई। एसडबल्यूआर, एनडबल्यूआर और डबल्यूआर ने सबसे ज़्यादा सुधार दिखाया।
दक्षता और सुविधाओं पर फोकस
रेल मंत्रालय का कहना है कि यह पहल यात्रा समय घटाने, समय की पाबंदी और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। दक्षिण पश्चिम, पश्चिमी और दक्षिणी रेलवे ज़ोन ने स्पीड सुधार और संचालन दक्षता में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
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