नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2026। विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के सोमवार के ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ के बाद दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को दो एफआईआर दर्ज कर लीं। ये FIR बाराखंबा रोड और तिलक मार्ग पुलिस थानों में दर्ज की गई हैं। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की अनुमति नहीं दी गई थी और उन्होंने मिनी ट्रक से बैरिकेड तोड़े।
इस बीच गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि राजधानी में तैनात करीब 20 हजार पैरामिलिट्री जवानों की तैनाती मौजूदा सुरक्षा स्थिति और आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए चार हफ्ते (एक महीने) और बढ़ा दी गई है। यह तैनाती विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा चिंताओं के बीच जारी रहेगी।
मार्च का पूरा घटनाक्रम
सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे संविधान क्लब से शुरू हुए इस मार्च में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी यादव, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत समेत कई नेता शामिल हुए। कांग्रेस के अनुसार इसमें करीब 2.5 लाख लोग शामिल हुए, हालांकि स्वतंत्र अनुमान कम संख्या बताते हैं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं व बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम कटने का विरोध किया।
मार्च बाराखंबा रोड से मंडी हाउस होते हुए भगवान दास मार्ग तक पहुंचा। दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के पास कई परतों में बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों ने कुछ बैरिकेड तोड़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें कोर्ट परिसर से करीब 600 मीटर दूर रोक लिया। राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत नेता वाहन पर चढ़कर नारेबाजी करते दिखे। भारी सुरक्षा के बावजूद कोई बड़ी हिंसा या गिरफ्तारी नहीं हुई।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका
मार्च के दौरान ही INDIA ब्लॉक के नेताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त याचिका दायर की गई। मुख्य याचिकाकर्ता राहुल गांधी हैं। अन्य याचिकाकर्ताओं में खड़गे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, सौगत रॉय, सुप्रिया सुले, संजय राउत, डी. राजा, एम.ए. बेबी, महुआ माझी और ई.टी. मोहम्मद बशीर शामिल हैं। याचिका में SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, मतदाता नाम कटने और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा उठाया गया है। याचिका में SIR स्थगित करने और रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में समिति गठित करने की मांग भी की गई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने पहले नेताओं से मुलाकात से इनकार कर दिया था क्योंकि मामला अदालत में विचाराधीन है।
सुरक्षा व्यवस्था
गृह मंत्रालय ने पहले से ही अक्टूबर में विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सैकड़ों कंपनियां तैनात की थीं। अब इस तैनाती को एक महीने और बढ़ाया गया है। जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में डिनोटिफाई कर दिया गया है और नए स्थल नामित किए गए हैं। दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशन भी बंद रहे थे।
मंगलवार को राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक नेताओं, सिविल सोसाइटी सदस्यों और छात्र संगठनों को अपने आवास पर हाई टी पर बुलाया है। साथ ही संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होने वाली है। तृणमूल कांग्रेस कोलकाता में अलग मार्च निकालने जा रही है।
यह घटनाक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा है, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) भी सक्रिय रही है। दिल्ली पुलिस ने पिछले कुछ दिनों में कई FIR दर्ज की हैं। विपक्ष इसे लोकतंत्र बचाने का आंदोलन बता रहा है, जबकि प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास बता रहा है।
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