India AI Impact Summit 2026 in Delhi: भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन भले ही बड़े उत्साह के साथ हुआ हो, लेकिन पहले दिन अत्यधिक भीड़ के कारण गंभीर समस्याएं सामने आईं। हजारों आगंतुकों, स्टार्टअप संस्थापकों, वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय delegates की उपस्थिति ने आयोजन स्थल भारत मंडपम को जाम कर दिया, जिससे लंबी कतारें, प्रवेश में देरी और सुरक्षा जांचों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इसे दुनिया के सबसे बड़े आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आयोजनों में से एक बताया जा रहा है। 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले इस आयोजन में 300 से ज्यादा प्रदर्शनी स्टॉल, 600 से अधिक हाई-पोटेंशियल स्टार्टअप और 13 देशों के पवेलियन शामिल हैं। थीम “पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस” पर आधारित यह समिट 20 फरवरी तक चलेगा।
हालांकि, पहले दिन की चुनौतियों ने कई लोगो को निराश किया। प्रदर्शकों और स्टार्टअप संस्थापकों ने शिकायत की कि सुरक्षा जांचों के कारण उन्हें अपने स्टॉल खाली करने पड़े, निर्देशों में अस्पष्टता थी और कई जगहों पर घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ प्रदर्शकों ने तो यह भी आरोप लगाया कि सुरक्षा स्वीप के दौरान उनके सामान भी चोरी हो गए। नियो सैपियन के सह-संस्थापक और सीईओ धनंजय यादव ने सोशल मीडिया पर बताया कि उनके एआई वियरेबल डिवाइस चोरी हो गए। उन्होंने लिखा, “हमने फ्लाइट, रहने और बूथ का खर्च उठाया, लेकिन हाई-सिक्योरिटी जोन में हमारे डिवाइस गायब हो गए। यह बेहद निराशाजनक है।”
इसी तरह, रिस्किल के संस्थापक पुनीत जैन और उद्यमी प्रियांशु रत्नाकर ने भी लंबी कतारों, वाई-फाई और मोबाइल नेटवर्क की खराब कनेक्टिविटी, रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी और सीमित सीटिंग की शिकायत की। प्रियांशु ने इसे “ऑप्टिक्स ओवर एक्जीक्यूशन” करार दिया और कहा कि बिल्डर्स के साथ सम्मान की कमी दिखी|आयोजकों ने स्वीकार किया कि पहले दिन भीड़ अधिक होने से दिक्कतें हुईं, लेकिन शेष दिनों के लिए भीड़ प्रबंधन और समन्वय में सुधार के कदम उठाए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में प्रवेश और पहुंच अधिक सुगम होगी।
दूसरे दिन की शुरुआत
17 फरवरी को समिट का दूसरा दिन शुरू हो चुका है। एक्सपो अब आम जनता के लिए खुल गया है और विभिन्न सत्रों में एआई के वैश्विक प्रभाव, डेटा और इनोवेशन पर चर्चा हो रही है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में आयोजन के पैमाने और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी की सराहना की जा रही है, हालांकि पहले दिन की समस्याओं का जिक्र अभी भी सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। यह समिट विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने और वैश्विक एआई वार्ता को आकार देने का मंच बनने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में बड़े तकनीकी दिग्गजों और अंतरराष्ट्रीय नेताओं की भागीदारी से आयोजन में और गति आने की संभावना है।
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