क्या है पूरा घोटाला और कैसे पकड़ा गया? नवंबर 2025 में हैदराबाद में कुछ बिरयानी रेस्टोरेंट्स पर रूटीन सर्वे के दौरान आयकर अधिकारियों को शक हुआ। इसके बाद विभाग की हैदराबाद इन्वेस्टिगेशन यूनिट ने AI, बिग डेटा एनालिटिक्स और जेनरेटिव AI टूल्स का इस्तेमाल कर 60 टेराबाइट (60,000 GB) से ज्यादा बिलिंग डेटा की जांच की। यह डेटा एक लोकप्रिय क्लाउड-बेस्ड POS बिलिंग सॉफ्टवेयर (Petpooja) से लिया गया, जो पूरे देश के 1.77 लाख से ज्यादा रेस्टोरेंट्स द्वारा इस्तेमाल होता है।
जांच में सामने आया: कुल बिलिंग ₹2.43 लाख करोड़ (6 वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक) • पोस्ट-बिलिंग डिलीशन: ₹13,317 करोड़ के बिल ग्राहक को दिए जाने के बाद डिलीट कर दिए गए • औसतन 27% तक सेल्स दबाई गई • तरीका बहुत आसान था, सॉफ्टवेयर में सारी सेल्स एंटर करो, कैश वाले बिल को फाइलिंग से पहले मास डिलीशन कर दो, फिर GST और इनकम टैक्स रिटर्न में कम टर्नओवर दिखाओ। सॉफ्टवेयर में ही यह फीचर बना हुआ था।अहमदाबाद स्थित सॉफ्टवेयर कंपनी के सर्वर से डेटा खंगाला गया। कई रेस्टोरेंट्स ने तो बिल डिलीट करना भी जरूरी नहीं समझा, बस टैक्स रिटर्न में कम दिखा दिया।
अब क्या हो रहा है? आज सुबह से देशभर में बड़े पैमाने पर सर्वे चल रहे हैं। आयकर विभाग ने सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर और जुड़े रेस्टोरेंट्स के 60-70 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता समेत हर बड़े शहर शामिल। सूत्रों के मुताबिक अब सिर्फ बिरयानी चेन्स नहीं, बल्कि सैकड़ों फेमस डाइनिंग चेन्स, फूड चेन और छोटे-बड़े रेस्टोरेंट्स पर नजर है। विभाग ने साफ कहा—जिनके खिलाफ सबूत मिलेंगे, उनके खिलाफ टैक्स, पेनल्टी और ब्याज के साथ सख्त कार्रवाई होगी।
रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर असर देशभर में रेस्टोरेंट सेक्टर का सालाना टर्नओवर लाखों करोड़ का है। इस घोटाले से छोटे रेस्टोरेंट मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है। कई ने पहले ही सॉफ्टवेयर अपडेट कर डेटा डिलीशन बंद कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह ट्रेंड जारी रहा तो वैध टैक्स चुकाने वाले रेस्टोरेंट्स को भी नुकसान होगा। वहीं ईमानदार व्यवसायी अब डिजिटल बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ाने की बात कर रहे हैं।
सरकार की बड़ी मुहिम यह कार्रवाई केंद्र सरकार की डिजिटल ट्रैकिंग और AI आधारित टैक्स कंप्लायंस मुहिम का हिस्सा है। आयकर विभाग ने पहले भी कई सेक्टरों (रियल एस्टेट, स्टॉक मार्केट) में AI से घोटाले पकड़े हैं। अब रेस्टोरेंट सेक्टर टारगेट पर है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है—अब बिलिंग सॉफ्टवेयर की कोई भी हेराफेरी आसानी से पकड़ी जाएगी।
निष्कर्ष

