Income Tax takes biggest action against restaurants: ₹70,000 करोड़ सेल्स छुपाने का घोटाला उजागर, Petpooja सॉफ्टवेयर का दुरुपयोग

Income Tax takes biggest action against restaurants: आयकर विभाग ने रेस्टोरेंट इंडस्ट्री में अब तक का सबसे बड़ा टैक्स चोरी घोटाला पकड़ लिया है। पूरे देश के रेस्टोरेंट्स द्वारा बिलिंग सॉफ्टवेयर के जरिए कैश सेल्स डिलीट कर ₹70,000 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर छुपाने का मामला सामने आया है। शुरुआत हैदराबाद की मशहूर बिरयानी चेन्स (पिस्ता हाउस, शाह घोउस और मेहफिल ग्रुप) से हुई, लेकिन अब यह पूरे देश में फैल चुका है। आज 9 मार्च को विभाग ने देशभर में 60-70 जगहों पर एक साथ सर्वे शुरू कर दिया है, दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, नोएडा, बेंगलुरु समेत कई शहरों में छापेमारी जारी है।

क्या है पूरा घोटाला और कैसे पकड़ा गया?
नवंबर 2025 में हैदराबाद में कुछ बिरयानी रेस्टोरेंट्स पर रूटीन सर्वे के दौरान आयकर अधिकारियों को शक हुआ। इसके बाद विभाग की हैदराबाद इन्वेस्टिगेशन यूनिट ने AI, बिग डेटा एनालिटिक्स और जेनरेटिव AI टूल्स का इस्तेमाल कर 60 टेराबाइट (60,000 GB) से ज्यादा बिलिंग डेटा की जांच की। यह डेटा एक लोकप्रिय क्लाउड-बेस्ड POS बिलिंग सॉफ्टवेयर (Petpooja) से लिया गया, जो पूरे देश के 1.77 लाख से ज्यादा रेस्टोरेंट्स द्वारा इस्तेमाल होता है।

जांच में सामने आया:
कुल बिलिंग ₹2.43 लाख करोड़ (6 वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक)
• पोस्ट-बिलिंग डिलीशन: ₹13,317 करोड़ के बिल ग्राहक को दिए जाने के बाद डिलीट कर दिए गए
• औसतन 27% तक सेल्स दबाई गई
• तरीका बहुत आसान था, सॉफ्टवेयर में सारी सेल्स एंटर करो, कैश वाले बिल को फाइलिंग से पहले मास डिलीशन कर दो, फिर GST और इनकम टैक्स रिटर्न में कम टर्नओवर दिखाओ। सॉफ्टवेयर में ही यह फीचर बना हुआ था।अहमदाबाद स्थित सॉफ्टवेयर कंपनी के सर्वर से डेटा खंगाला गया। कई रेस्टोरेंट्स ने तो बिल डिलीट करना भी जरूरी नहीं समझा, बस टैक्स रिटर्न में कम दिखा दिया।

अब क्या हो रहा है?
आज सुबह से देशभर में बड़े पैमाने पर सर्वे चल रहे हैं। आयकर विभाग ने सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर और जुड़े रेस्टोरेंट्स के 60-70 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता समेत हर बड़े शहर शामिल। सूत्रों के मुताबिक अब सिर्फ बिरयानी चेन्स नहीं, बल्कि सैकड़ों फेमस डाइनिंग चेन्स, फूड चेन और छोटे-बड़े रेस्टोरेंट्स पर नजर है। विभाग ने साफ कहा—जिनके खिलाफ सबूत मिलेंगे, उनके खिलाफ टैक्स, पेनल्टी और ब्याज के साथ सख्त कार्रवाई होगी।

रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर असर
देशभर में रेस्टोरेंट सेक्टर का सालाना टर्नओवर लाखों करोड़ का है। इस घोटाले से छोटे रेस्टोरेंट मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है। कई ने पहले ही सॉफ्टवेयर अपडेट कर डेटा डिलीशन बंद कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह ट्रेंड जारी रहा तो वैध टैक्स चुकाने वाले रेस्टोरेंट्स को भी नुकसान होगा। वहीं ईमानदार व्यवसायी अब डिजिटल बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ाने की बात कर रहे हैं।

सरकार की बड़ी मुहिम
यह कार्रवाई केंद्र सरकार की डिजिटल ट्रैकिंग और AI आधारित टैक्स कंप्लायंस मुहिम का हिस्सा है। आयकर विभाग ने पहले भी कई सेक्टरों (रियल एस्टेट, स्टॉक मार्केट) में AI से घोटाले पकड़े हैं। अब रेस्टोरेंट सेक्टर टारगेट पर है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है—अब बिलिंग सॉफ्टवेयर की कोई भी हेराफेरी आसानी से पकड़ी जाएगी।

निष्कर्ष


₹70,000 करोड़ का यह घोटाला सिर्फ टैक्स चोरी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कमजोरी को उजागर करता है। आयकर विभाग का कहना है कि जांच जारी है और टैक्स देयता और भी बढ़ सकती है। रेस्टोरेंट मालिकों को सलाह—अब सॉफ्टवेयर में कोई छेड़छाड़ न करें, वरना भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। देश के खाने-पिने वाले सेक्टर में यह सबसे बड़ा टैक्स ऐक्शन है। आगे की जांच रिपोर्ट आने वाली है, जिसके बाद कई बड़े नामों पर गाज गिर सकती है।

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