UP News: सिद्धार्थनगर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज में गुरु गोरक्षनाथ ज्ञानस्थली का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य उद्घाटन किया। इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा करुणा, मैत्री और ज्ञान की है — भारत ने कभी तलवार के बल पर नहीं बल्कि मूल्यों और विचारों के बल पर शासन किया है। सीएम योगी ने नवरात्र की सप्तमी तिथि पर महाकाली की आराधना और ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ की सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत हमेशा से ज्ञान की आराधना करने वाला देश रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अब सिर्फ सांस्कृतिक रूप से ही नहीं बल्कि आर्थिक रूप से भी विश्व पटल पर एक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है।
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🔹 मुख्यमंत्री के संबोधन की प्रमुख बातें:
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भारत ने कभी तलवार के बल पर शासन नहीं किया, इतिहास इसका साक्षी है।
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भगवान राम ने लंका विजय के बाद राज्य विभीषण को सौंपा – “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।”
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बौद्ध धर्म ने दुनिया को करुणा और मैत्री का संदेश दिया, न कि हिंसा का।
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प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने विरासत और विकास का समन्वय किया है।
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काशी, मथुरा, अयोध्या, प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों का कायाकल्प हुआ है।
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2014 से पहले जो राम और कृष्ण को मिथक कहते थे, आज वही भारतीय परंपरा को स्वीकार कर रहे हैं।
🔹 गुरु गोरक्षनाथ ज्ञानस्थली का उद्घाटन सिद्धार्थनगर के लिए विशेष महत्व रखता है, जहां राजकुमार सिद्धार्थ का बचपन बीता और जो आगे चलकर गौतम बुद्ध बने।
🔹 उपस्थित प्रमुख हस्तियां: कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, कुलपति कविता शाह, जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह, पूर्व मंत्री जय प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान, और गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधि इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने। यह आयोजन भारत की आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक चेतना को मजबूती देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।