In UP, security and public are under threat: उत्तर प्रदेश में आज दो अलग-अलग लेकिन राज्य की सुरक्षा और आम जनजीवन को प्रभावित करने वाली बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक तरफ यूपी एटीएस ने पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर नोएडा के लोकेश शर्मा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने रेलवे बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची थी। दूसरी तरफ टोल टैक्स में बढ़ोतरी के कारण यूपी रोडवेज ने टोल वाले रूटों पर बस किराया 1 से 6 रुपये तक बढ़ा दिया है, जिससे लखनऊ-दिल्ली जैसे प्रमुख रूटों पर यात्रा महंगी हो गई है।
आतंकी साजिश: मजदूरी की शर्म ने बनाया लोकेश को आतंकी
नोएडा के लोकेश शर्मा (जिन्हें पपला पंडित, बाबू या संजू भी कहा जाता है) की गिरफ्तारी यूपी एटीएस की बड़ी सफलता है। एटीएस ने लोकेश, विकास गहलौत (उर्फ रौनक), साकिब (उर्फ डेविल, मेरठ) और अरबाब को लखनऊ से गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि ये पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहे थे। साकिब सोशल मीडिया (टेलीग्राम, सिग्नल, इंस्टाग्राम) के जरिए गरीब और बेरोजगार युवाओं को पैसे के लालच में फंसाता था।
लोकेश पहले ई-रिक्शा चलाता था और बाद में पिता-भाई के साथ बेलदारी का काम करता था। ग्रामीणों के अनुसार, नाबालिग होने पर पुलिस ने उसका ई-रिक्शा सीज कर दिया तो वह मजदूरी से शर्मिंदा होने लगा। दोस्तों के मजाक ने उसे और हताश कर दिया। इसी मानसिकता ने उसे आतंक का रास्ता चुनने पर मजबूर किया। गिरोह का प्लान था—रेलवे सिग्नल बॉक्स को नुकसान पहुंचाना, गैस सिलेंडर भरे ट्रकों में आग लगाना, लखनऊ रेलवे स्टेशन समेत भीड़भाड़ वाले इलाकों में शाम के वक्त ब्लास्ट करना और वीडियो बनाकर पाकिस्तानी आकाओं को भेजना। छोटी-मोटी आगजनी की घटनाएं भी हुईं।
एटीएस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और UAPA के तहत मामला दर्ज कर लिया है। खुलासा हुआ कि मॉड्यूल कई शहरों में रेकी कर रहा था और लखनऊ रेलवे स्टेशन को मुख्य टारगेट बनाया गया था, जहां शाम की भीड़ में ज्यादा असर होता। यह मॉड्यूल ग्रेटर नोएडा-मेरठ क्षेत्र से सक्रिय था।
टोल बढ़ा, बस किराया महंगा: लखनऊ-दिल्ली अब 5 रुपये ज्यादा
दूसरी तरफ, 1 अप्रैल 2026 से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स बढ़ने के बाद यूपी रोडवेज ने किराया समायोजित कर दिया है। बढ़ोतरी सिर्फ टोल प्लाजा वाले रूटों पर लागू है।
नए किराए (कुछ उदाहरण):
लखनऊ से दिल्ली (कैसरबाग बस अड्डा): 776 रुपये से बढ़कर 781 रुपये
लखनऊ से प्रयागराज (आलमबाग): 302 रुपये से बढ़कर 308 रुपये
लखनऊ से वाराणसी: 473 रुपये से बढ़कर 476 रुपये
लखनऊ से गोरखपुर: 435 रुपये से बढ़कर 437 रुपये
लखनऊ से बहराइच: 192 रुपये से बढ़कर 193 रुपये
टोल में 5 से 85 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है, खासकर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सबसे ज्यादा असर पड़ा। परिवहन निगम ने कहा कि अतिरिक्त खर्च को किराए में समाहित किया गया है।
दोनों घटनाएं यूपी की वर्तमान स्थिति को दर्शाती हैं—एक तरफ सुरक्षा एजेंसियां आतंक की साजिशों को नाकाम कर रही हैं, तो दूसरी तरफ आम यात्री और परिवहन क्षेत्र महंगाई का बोझ उठा रहा है। एटीएस की कार्रवाई से राज्य में सुरक्षा चाक-चौबंद है, जबकि टोल बढ़ोतरी से यात्रियों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। नागरिकों को सलाह है कि यात्रा से पहले बस स्टेशन पर नवीनतम किराया जांच लें।

