PM Modi At 28th CSPOC: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में 28वीं कॉमनवेल्थ स्पीकर्स एंड प्रेसिडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (CSPOC) 2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री का स्वागत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने किया।
PM Modi At 28th CSPOC:
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और उसकी वैश्विक भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की राष्ट्रपति देश की प्रथम नागरिक हैं और वह एक महिला हैं, वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री भी महिला हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि भारतीय महिलाएं न केवल लोकतंत्र में भागीदारी कर रही हैं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका भी निभा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है और इसका पैमाना असाधारण है। उन्होंने 2024 के आम चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मानव इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास था, जिसमें करीब 98 करोड़ नागरिकों ने मतदान के लिए पंजीकरण कराया। चुनाव में 8,000 से अधिक उम्मीदवारों और 700 से ज्यादा राजनीतिक दलों ने भाग लिया, जबकि महिला मतदाताओं की रिकॉर्ड भागीदारी देखने को मिली।
पीएम मोदी ने कहा कि संविधान सदन का सेंट्रल हॉल भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का एक ऐतिहासिक स्थल है। स्वतंत्रता से पहले यहीं संविधान सभा की बैठकें हुईं और आजादी के बाद 75 वर्षों तक यह भवन संसद के रूप में कार्य करता रहा। इसी हॉल में देश के भविष्य से जुड़े कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। लोकतंत्र को समर्पित इस भवन को अब संविधान सदन नाम दिया गया है।
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प्रधानमंत्री ने कॉमनवेल्थ देशों के साथ भारत के संबंधों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ देशों की कुल आबादी का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा भारत में निवास करता है। भारत स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक विकास और नवाचार जैसे क्षेत्रों में कॉमनवेल्थ के सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत न केवल अन्य देशों से सीखता है, बल्कि अपने अनुभव भी साझेदार देशों के साथ साझा करता है, ताकि वैश्विक दक्षिण के लिए नए रास्ते तैयार किए जा सकें।
प्रधानमंत्री मोदी ने संसदीय लोकतंत्र में स्पीकर की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि स्पीकर का कार्य केवल अध्यक्षता करना नहीं, बल्कि सभी सदस्यों के लिए निष्पक्ष और संतुलित वातावरण बनाना होता है। धैर्य, सहनशीलता और सभी को समान अवसर देना स्पीकर की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने बताया कि यह चौथा अवसर है जब कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स की कॉन्फ्रेंस भारत में आयोजित हो रही है और इस बार इसका विषय “संसदीय लोकतंत्र की प्रभावी डिलीवरी” रखा गया है।
प्रधानमंत्री ने भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए कहा कि वेदों से लेकर आधुनिक काल तक भारत में निर्णय लेने की परंपरा संवाद, विचार-विमर्श और सहमति पर आधारित रही है। स्वतंत्रता के समय यह आशंका जताई गई थी कि इतनी विविधता वाला देश लोकतंत्र को संभाल नहीं पाएगा, लेकिन भारत ने इन सभी आशंकाओं को गलत साबित किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं ने भारत को स्थिरता, गति और विकास का पैमाना प्रदान किया है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। भारत में विकसित यूपीआई दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान प्रणाली बन चुका है। भारत विश्व का सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता है और इस्पात उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। भारत ने विविधता को लोकतंत्र की ताकत में बदल दिया है।
कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला कर रहे हैं। इस सम्मेलन में 42 कॉमनवेल्थ देशों के 61 स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स के साथ-साथ चार अर्ध-स्वायत्त संसदों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, मलेशिया, नामीबिया, ट्रिनिडाड और टोबैगो, टोंगा और कैमरून सहित कई देशों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए हैं। ऑस्ट्रेलियाई हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन भी सम्मेलन में मौजूद रहे।
कॉन्फ्रेंस में संसद और लोकतंत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इनमें स्पीकर की बदलती भूमिका, संसद में तकनीकी नवाचार और डिजिटल प्रबंधन, नागरिकों में लोकतंत्र और संसद के प्रति समझ बढ़ाने के उपाय शामिल हैं। विशेष सत्रों में संसद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया का सांसदों पर प्रभाव, नागरिक भागीदारी बढ़ाने की रणनीतियों और सांसदों व संसद कर्मियों की सुरक्षा एवं कल्याण जैसे विषयों पर मंथन होगा।
14 से 16 जनवरी तक चलने वाली यह कॉन्फ्रेंस अब तक की सबसे बड़ी CSPOC मानी जा रही है। इससे पहले 27वीं कॉन्फ्रेंस जनवरी 2024 में युगांडा में आयोजित हुई थी। इस बार भारत 28वीं कॉमनवेल्थ स्पीकर्स एंड प्रेसिडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस की मेजबानी कर रहा है।
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