Imran Khan Health News: पाकिस्तान में इमरान खान की सेहत को लेकर ताजा विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, जो अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं, उनकी दाहिनी आंख की रोशनी में गंभीर कमी की खबरों ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वकील की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान की दाहिनी आंख में केवल 15% दृष्टि बची है, जबकि अक्टूबर 2025 से धुंधला और धुंधला दिखाई देने की शिकायतों के बावजूद जेल प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। डॉक्टरों ने इसे राइट सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO) नामक स्थिति बताया है, जो रेटिना में रक्त वाहिका अवरोध के कारण हुई है।
सरकार की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड ने हाल ही में जांच के बाद दावा किया है कि इलाज (एंटी-VEGF इंजेक्शन) से सुधार हो रहा है। रिपोर्ट में बिना चश्मे के दाहिनी आंख की दृष्टि 6/24 (पार्शियल) और चश्मे के साथ बेहतर बताई गई है, जबकि बायीं आंख सामान्य (6/6) है। मैकुलर सूजन कम हो रही है और रेटिना सुरक्षित है। कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने कहा कि स्थायी नुकसान नहीं है और दाहिनी आंख में चश्मे के साथ लगभग 70% कार्यक्षमता है। लेकिन इमरान खान की बहनें (उज्मा खान, अलीमा खान और नोरीन नियाजी) और परिवार ने इन दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्मी चीफ असिम मुनीर और इंटीरियर मंत्री मोहसिन नकवी पर “घातक साजिश” का आरोप लगाया है। उज्मा खान ने कहा कि मोहसिन नकवी धमकी दे रहे हैं और अगर इमरान या परिवार को कुछ हुआ तो जिम्मेदारों की आने वाली पीढ़ियों को नहीं बख्शेंगे। परिवार का कहना है कि जेल में “अकल्पनीय अमानवीय व्यवहार” हो रहा है और व्यक्तिगत डॉक्टर या परिवार को जांच में शामिल नहीं किया गया।
इस मुद्दे पर पीटीआई समर्थकों के विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। बुधवार को हजारों समर्थकों ने अटॉक ब्रिज पर कब्जा कर लिया, जिससे खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब के बीच संपर्क कट गया और भारी ट्रैफिक जाम लगा। इस्लामाबाद में संसद के पास और खैबर पख्तूनख्वा हाउस के निकट तहरीक-ए-तहफ्फुज-ए-ऐन पाकिस्तान गठबंधन का धरना जारी है। मुख्य मांग है कि इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में विशेषज्ञ इलाज के लिए शिफ्ट किया जाए।
यह दो महीनों में दूसरी बार है जब इमरान की सेहत पर बड़े प्रदर्शन हुए हैं। नवंबर में रावलपिंडी में झड़पें हुई थीं, जब अफवाहें फैलीं कि उन्हें मार दिया गया है। बाद में बहन उज्मा ने मिलकर बताया कि वे ठीक हैं लेकिन सॉलिटरी कंफाइनमेंट में हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान गया है। पूर्व क्रिकेटरों जैसे सुनील गावस्कर और कपिल देव ने पाकिस्तान सरकार से तत्काल बेहतर मेडिकल सुविधा देने की अपील की है। पीटीआई का कहना है कि यह राजनीतिक प्रतिशोध है, जबकि सरकार इसे न्यायिक निगरानी में इलाज का मामला बताती है। विरोध जारी रहने से तनाव बढ़ रहा है, और रामजान के दौरान भी प्रदर्शन की आशंका है।