“I’m coming to Mumbai, cut off my leg”: रसमलाई तंज पर अन्नामलाई का राज ठाकरे को करारा जवाब, महाराष्ट्र निकाय चुनाव से पहले जुबानी जंग तेज

“I’m coming to Mumbai, cut off my leg”: तमिलनाडु भाजपा के प्रमुख के. अन्नामलाई और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे के बीच जुबानी जंग सोमवार को और तेज हो गई। राज ठाकरे द्वारा ‘रसमलाई’ कहकर मजाक उड़ाने और धमकियों के बाद अन्नामलाई ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने ठाकरे परिवार को चुनौती देते हुए कहा कि वे मुंबई जरूर आएंगे और डरने वाले नहीं हैं।

अन्नामलाई ने सोमवार को मीडिया से कहा, “राज ठाकरे और आदित्य ठाकरे मुझे धमकाने वाले कौन होते हैं? कुछ लोग लिख रहे हैं कि मुंबई आया तो पैर काट देंगे। मैं मुंबई आ रहा हूं, पैर काटकर दिखाओ। अगर मैं डरने वाला होता तो गांव में ही रहता।” पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई ने खुद को किसान का बेटा बताते हुए कहा कि वे धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला सिर्फ उन पर नहीं, बल्कि पूरे तमिल समुदाय पर है, क्योंकि लुंगी-धोती जैसे कपड़ों का जिक्र कर अपमान किया जा रहा है।

विवाद की शुरुआत
यह विवाद महाराष्ट्र के निकाय चुनाव (15 जनवरी को मतदान) से ठीक पहले शुरू हुआ। एमएनएस और शिवसेना (उद्धव गुट) की संयुक्त रैली में राज ठाकरे ने अन्नामलाई पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु से एक रसमलाई आया है। यहां तुम्हारा क्या कनेक्शन? हटाओ लुंगी, बजाओ पुंगी!” यह नारा 1960 के दशक में बाल ठाकरे की शिवसेना द्वारा दक्षिण भारतीयों (खासकर तमिल-तेलुगु प्रवासियों) के खिलाफ इस्तेमाल किया गया था। राज ठाकरे ने अन्नामलाई के उस बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने मुंबई को ‘महाराष्ट्र की नहीं, विश्वस्तरीय शहर’ बताया था।

अन्नामलाई ने इसका बचाव करते हुए कहा, “मुंबई को विश्वस्तरीय शहर कहने से मराठी गौरव कम नहीं होता। अगर मैं कमराज को भारत का महान नेता कहता हूं तो क्या वे तमिल नहीं रह जाते? मेरे आलोचक सिर्फ अज्ञानी हैं।” उन्होंने डीएमके पर भी निशाना साधा, जो उन्हें सालों से गालियां देती रही है, लेकिन अब शिवसेना (उद्धव) के साथ गठबंधन में है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
भाजपा ने राज ठाकरे की टिप्पणी को ‘नफरती’ बताया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह पुरानी क्षेत्रीय राजनीति को फिर से जीवित करने की कोशिश है। शिवसेना (उद्धव) के संजय राउत ने भी अन्नामलाई को ‘कीड़ा’ कहा था, जिससे विवाद और बढ़ा। एमएनएस कार्यकर्ताओं की ओर से सोशल मीडिया पर अन्नामलाई को मुंबई न आने की धमकियां मिली हैं।

महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों (जिसमें मुंबई, पुणे शामिल) के चुनाव से पहले यह विवाद क्षेत्रीय अस्मिता और प्रवासी बनाम स्थानीय की पुरानी बहस को फिर से हवा दे रहा है। क्या यह जुबानी जंग वोटों पर असर डालेगी? परिणाम 16 जनवरी को आएंगे। यह मामला अभी थमने का नाम नहीं ले रहा।

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