
घटना का विवरण
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन सुबह करीब 8:13 बजे स्टेशन पर रुकी थी। एक अवैध वेंडर केतली लेकर जबरन कोच में घुसने की कोशिश करने लगा और यात्रियों से धक्का-मुक्की की। जब यात्रियों ने विरोध किया तो वेंडर और उसके साथियों ने गुस्से में पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पथराव से कोच के शीशे टूट गए और यात्री घायल हो गए।
घायलों के नाम: ओम जी मौर्य, सुनील जायसवाल (अहिमनपुर खमरिया), चन्द्रेश्वर प्रताप सिंह (जोगिनका), आदर्श पाण्डेय (सुजातपुर), कुलदीप पाण्डेय (छतमी) सहित एक महिला और एक अन्य पुरुष। कुछ घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया।
ट्रेन रवाना होने के बाद किसी अराजक तत्व ने चेन पुलिंग कर दी, जिससे वह दोबारा रुक गई। अंत में करीब 8:50 बजे ट्रेन प्रयागराज के लिए रवाना हुई।
पुलिस कार्रवाई और आरोप
घायल यात्रियों ने जीआरपी को तहरीर देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यात्रियों का आरोप है कि रेलवे पुलिस की मिलीभगत से स्टेशन पर अवैध वेंडर बेखौफ होकर कारोबार करते हैं। कुछ ने जीआरपी चौकी के पीछे रखी पानी की पेटियों की आड़ में मादक पदार्थों की तस्करी का भी आरोप लगाया।
जीआरपी ने घटना के बाद एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। आरपीएफ और जीआरपी अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
स्टेशन पर पहले भी हुई ऐसी घटनाएं
ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर अवैध वेंडरों को लेकर पहले भी कई शिकायतें और घटनाएं सामने आ चुकी हैं। यात्रियों ने चेतावनी दी है कि अगर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में बड़ी अनहोनी हो सकती है। रेलवे प्रशासन से स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ाने और अवैध वेंडरों पर लगाम लगाने की मांग तेज हो गई है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन यात्रियों में रोष बना हुआ है। मामले की आगे की जांच जारी है।

