ग्रेटर नोएडा। शहर की सड़कों पर उड़ती धूल और बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक अनूठी पहल शुरू की है। सड़क किनारे खाली पड़ी जगहों पर विशेष छेद युक्त टाइल्स यानी परफोरेटेड टाइल्स लगाई जाएंगी। इसकी शुरुआत टेक्जोन-4 से की जाएगी। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने बुधवार को मिलकर इस योजना की रूपरेखा तैयार की।
क्या है परफोरेटेड टाइल्स की खासियत?
परफोरेटेड टाइल्स में छोटे-छोटे छेद होते हैं, जो जमीन को पूरी तरह ढकने के साथ-साथ बारिश के पानी को जमीन में सोखने का काम भी करती हैं। इन टाइल्स को सड़क किनारे खाली पड़ी जगहों पर लगाया जाएगा, जहां से सबसे ज्यादा धूल उड़ती है। इसके साथ ही उन जगहों पर घास भी लगाई जाएगी, जिससे मिट्टी बंधी रहे और धूल न उड़े। अधिकारियों के अनुसार इस दोहरी व्यवस्था से वायु प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगेगी और वर्षा जल संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
263 किलोमीटर सड़क होगी चौड़ी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की कार्ययोजना के तहत शहर की 263 किलोमीटर सड़क को चौड़ा किया जाएगा। सड़क चौड़ी होने से यातायात सुचारू रूप से संचालित होगा और जाम की स्थिति कम बनेगी। इससे वाहनों के रुकने और धीमी गति से चलने की समस्या घटेगी, जो प्रदूषण का एक बड़ा कारण है। चौड़ी सड़कें और परफोरेटेड टाइल्स मिलकर शहर को एक स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण देने में अहम भूमिका निभाएंगी।
सीईओ ने दिए सख्त निर्देश
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एनजी रवि कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वायु प्रदूषण कम करने की योजना पर तत्काल काम शुरू किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए और शहर में बड़ी संख्या में पौधे लगाए जाएं। हरियाली बढ़ाने से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि शहर का पर्यावरण भी बेहतर होगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह पहल शहर को स्मार्ट और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस योजना को सही तरीके से लागू किया गया तो आने वाले समय में शहर की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

