If you’re in UP, be careful while driving: उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण अंतिम चरण में है और फरवरी 2026 में इसका उद्घाटन होने की उम्मीद है। लेकिन बदायूं जिले में सहसवान-बिसौली मार्ग पर एक्सप्रेसवे के नीचे लगाए गए दिशा सूचक बोर्डों में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है, जिससे राहगीर खासकर बाहरी वाहन चालक भटक रहे हैं।
बिसौली से सहसवान की ओर जाने वाले मार्ग पर लगा एक बोर्ड बाईं ओर ‘बिसौली’ दिखाता है, जबकि वहां ‘बिल्सी’ की दिशा होनी चाहिए। वहीं, सहसवान से बिसौली की ओर आने पर दूसरे बोर्ड पर दोनों तरफ ‘बिसौली’ लिखा है, जबकि दाईं ओर ‘बिल्सी’ का संकेत होना चाहिए। इन गलत संकेतों से रात के समय या अजनबी चालक सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं — कई किलोमीटर गलत रास्ते पर जाने के बाद वापस लौटना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों बर्बाद हो रहा है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि रोजाना कई यात्री रास्ता पूछते नजर आते हैं। बाहरी चालक या तो लोकल लोगों की मदद लेते हैं या मोबाइल मैप का सहारा लेते हैं। व्यंग्य में लोग कह रहे हैं — “ऐ भाई, जरा देखकर चलो, आगे-पीछे, दाएं-बाएं सब गड़बड़ है!”
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा है और बदायूं में इसका करीब 90 किलोमीटर हिस्सा है। यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी) के अनुसार, साइनेज प्लान तैयार है और टोल ट्रायल सफल हो चुके हैं, लेकिन इस तरह की लापरवाही से सुरक्षा और सुविधा पर सवाल उठ रहे हैं।
अधिकारियों से इस गड़बड़ी को जल्द सुधारने की मांग की जा रही है, ताकि एक्सप्रेसवे खुलने के बाद यात्रियों को ऐसी परेशानी न हो। विशेषज्ञों का कहना है कि निर्माण की जल्दबाजी में ऐसी चूकें खतरनाक साबित हो सकती हैं।

