Historic Supreme Court decision: सुप्रीम कोर्ट ने 10 मार्च 2026 को कोविड-19 वैक्सीनेशन से जुड़े एक अहम मामले में केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वैक्सीन लगवाने के बाद गंभीर प्रतिकूल प्रभाव झेलने वाले नागरिकों के लिए ‘नो-फॉल्ट कंपेंसेशन पॉलिसी’ तैयार की जाए। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने यह फैसला उन याचिकाओं पर सुनाया, जिनमें कोविशील्ड वैक्सीन की पहली डोज के बाद 18 और 20 वर्षीय दो युवतियों की मौत का आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब पीड़ित परिवारों को मुआवजे के लिए सरकार या वैक्सीन निर्माता की गलती साबित करने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि इस नीति के निर्माण से सरकार की कोई जिम्मेदारी या लापरवाही स्वीकार नहीं मानी जाएगी।
अदालत ने वैक्सीनेशन के बाद प्रतिकूल घटनाओं (AEFI) की निगरानी के लिए मौजूदा तंत्र को बनाए रखने और साइड इफेक्ट्स के आंकड़े नियमित रूप से सार्वजनिक करने का भी निर्देश दे दिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को यह नीति शीघ्र अति शीघ्र तैयार कर अधिसूचित करने का आदेश दिया गया है।

