Aizawl News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मिजोरम की राजधानी आइजॉल में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया, जहां उन्होंने 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं में सबसे प्रमुख बैराबी-सैरांग नई रेल लाइन (Bairabi–Sairang Rail Line) है, जो मिजोरम को पहली बार भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली परियोजना है। इस रेल लाइन के उद्घाटन से आइजॉल भारत के रेल मानचित्र पर आधिकारिक रूप से जुड़ गया है, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी।
यह 51.38 किलोमीटर लंबी ब्रॉड गेज रेल लाइन असम-मिजोरम सीमा पर स्थित बैराबी से सैरांग तक फैली हुई है, जो आइजॉल से मात्र 20 किलोमीटर दूर है। इस परियोजना पर कुल 8,070 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आया है, जो 1999 में प्रस्तावित हुई थी, लेकिन 2015 में निर्माण कार्य शुरू होने के बाद तेजी से आगे बढ़ी। कठिन हिमालयी भूभाग, भूस्खलन और सीमित कार्यकाल के बावजूद भारतीय रेलवे के इंजीनियरों ने इसे एक इंजीनियरिंग चमत्कार के रूप में पूरा किया। लाइन पर कुल 142 पुल (55 प्रमुख और 87 लघु), 45 सुरंगें (कुल 12 किलोमीटर लंबी) और चार नए स्टेशन (हॉर्टोकी, काउनपुई, मुअलखांग और सैरांग) बनाए गए हैं।
इस रेल लाइन का सबसे रोचक हिस्सा ब्रिज नंबर 144 है, जो 114 मीटर ऊंचा है और दिल्ली की कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद (कुतुब मीनार) से 42 मीटर अधिक ऊंचा है। यह भारत का दूसरा सबसे ऊंचा रेल पुल है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इस ब्रिज का निरीक्षण किया और सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने इसकी मजबूती और इंजीनियरिंग कौशल की सराहना की। वैष्णव ने कहा, “यह पुल न केवल मिजोरम की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि पूर्वोत्तर के विकास को नई गति देगा।” उन्होंने बताया कि भूकंप प्रभावित क्षेत्र (सिस्मिक जोन V) में निर्माण के दौरान विशेष तकनीकों का उपयोग किया गया, जैसे रेत को चट्टान जैसा मजबूत बनाना।
उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीन नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इनमें सैरांग-आनंद विहार (दिल्ली) राजधानी एक्सप्रेस (साप्ताहिक), कोलकाता-सैरांग-कोलकाता एक्सप्रेस (त्रिसाप्ताहिक) और गुवाहाटी-सैरांग-गुवाहाटी एक्सप्रेस (दैनिक) शामिल हैं। पीएम मोदी ने कहा, “आज मिजोरम के लोगों के लिए ऐतिहासिक दिन है। हमारा एक्ट ईस्ट पॉलिसी और नॉर्थ ईस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर में मिजोरम की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह रेल लाइन न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।”
इसके अलावा, पीएम ने सड़क, ऊर्जा और खेल क्षेत्रों की अन्य परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया, जिनमें 500 करोड़ रुपये की आइजॉल बाईपास रोड, थेंजावल-सियालसुक रोड और खानकाउन-रोंगुरा रोड शामिल हैं। इन परियोजनाओं से आइजॉल शहर में ट्रैफिक जाम कम होगा और लंगले, सियाहा, लॉन्गटलाई, लेंगपुई एयरपोर्ट तथा सैरांग रेलवे स्टेशन तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
रेल मंत्री वैष्णव ने उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी की सराहना की और कहा कि 2014 से पहले पूर्वोत्तर के लिए रेल बजट मात्र 2,000 करोड़ था, जो अब 10,000 करोड़ से अधिक हो गया है। वर्तमान में 77,000 करोड़ की रेल परियोजनाएं चल रही हैं। इस उपलब्धि से मिजोरम के निवासियों को सुरक्षित, सस्ती और कुशल यात्रा मिलेगी, साथ ही आवश्यक वस्तुओं जैसे अनाज, उर्वरक और सब्जियों की आपूर्ति सुगम होगी। राज्यपाल वी.के. सिंह ने इसे “महत्वाकांक्षी और महत्वपूर्ण” बताया, जो यात्रा समय कम करेगी और ड्रैगन फ्रूट जैसी स्थानीय उपज को देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने में मदद करेगा।
यह परियोजना पूर्वोत्तर के चार राज्यों की राजधानियों (गुवाहाटी, अगरतला, ईटानगर के बाद आइजॉल) को रेल से जोड़ने वाली चौथी है। भारी बारिश के कारण पीएम मोदी हेलीकॉप्टर से लम्मुअल ग्राउंड नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्होंने वर्चुअल तरीके से कार्यक्रम को संबोधित किया। स्थानीय कलाकारों ने मिजोरम की पारंपरिक वेशभूषा में प्रदर्शन कर उत्साह बढ़ाया।
मिजोरम अब न केवल रेल से जुड़ा, बल्कि आर्थिक विकास की नई ऊंचाइयों को छूने को तैयार है। यह कदम भारत के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प को मजबूत करता है।
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