हिमालय प्राइड: नवरात्रि पर ‘कन्या पूजन’ जाते-जाते लिफ्ट में कैद हुईं महिलाएं-बच्चे, Lift Act कागजों तक सिमटा, सोसाइटियां बेपरवाह

हिमालय प्राइड: नवरात्रि के पावन मौके पर जब महिलाएं और बच्चे कन्या पूजन के लिए निकले, तो उनकी राह बन गई एक खतरनाक लिफ्ट और वो लगभग एक घंटे तक उसी में कैद रहे। यह शर्मनाक घटना है ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हिमालय प्राइड सोसाइटी, टावर-A की।

क्या हुआ उस शुक्रवार को?

27 मार्च को नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन के लिए दूसरे टावर में जा रही बच्चियां और महिलाएं अचानक लिफ्ट में फंस गईं। लिफ्ट बीच में ही रुक गई और अंदर फंसे लोग मदद के लिए तरसते रहे। अलार्म बटन दबाने पर भी कोई गार्ड या मेंटेनेंस कर्मी नहीं आया। अंदर सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी। छोटे बच्चे डर से रोने लगे। पड़ोसी निवासियों ने शोर सुनकर जब बचाने की कोशिश की, तो पाया कि लिफ्ट पूरी तरह जाम हो चुकी थी।  काफी मशक्कत के बाद मेंटेनेंस स्टाफ ने लिफ्ट खोली और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। बाहर निकलने के बाद बच्चे देर तक रोते रहे, महिलाओं को बैठाकर पानी पिलाया गया।

यह पहली बार नहीं

सोसाइटी की AOA अध्यक्ष सीमा भंडारी ने बताया कि यह पहला मामला नहीं है। 7 मार्च को टावर-A की एक लिफ्ट अचानक गिरी और अगले ही दिन कई लोग लिफ्ट में फंसे।  AOA के सुरक्षा सदस्य मयंक मिश्रा ने बताया कि 10 मार्च को निराला स्टेट पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दी गई और 11 मार्च को बिसरख थाने में भी शिकायत की गई — लेकिन न बिल्डर ने कोई कार्रवाई की, न मेंटेनेंस एजेंसी ने।

Lift Act — कानून है, पालन नहीं

यह घटना उत्तर प्रदेश में लागू Lift and Escalator Act, 2024 की धज्जियां उड़ाती है। गौतमबुद्धनगर में अनुमानित 80,000 से अधिक लिफ्टें हैं, लेकिन अब तक केवल करीब 5,500 ही पंजीकृत हो पाई हैं। अधिकारियों ने माना है कि कानून तो बन गया, लेकिन जागरूकता बढ़ाने और जिला स्तर पर सख्त प्रवर्तन के बिना यह महज एक कागजी कानून बनकर रह जाएगा। UP एनर्जी मिनिस्टर अरविंद कुमार शर्मा ने खुद विधानसभा में माना था कि “मल्टी-स्टोरी इमारतों में बिल्डर मनमाने तरीके से लिफ्ट चला रहे हैं, बिना किसी सुरक्षा नियम का पालन किए।”

सोशल मीडिया पर गुस्सा

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एक जनप्रतिनिधि X अकाउंट ने इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए लिखा “अब तो Lift Act भी Puch AI के MoU की तरह ही फर्जी लगता है।” यह पोस्ट तुरंत वायरल हो गई और हजारों निवासियों ने अपनी-अपनी सोसाइटियों की लिफ्ट दुर्घटनाओं की कहानियां साझा कीं।

प्रशासन की चेतावनी — पर कार्रवाई?

मार्च 2026 में नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्रशासन ने 200 से अधिक सोसाइटियों को 25 मार्च की डेडलाइन से पहले लिफ्ट पंजीकरण पूरा करने की चेतावनी दी थी। लेकिन हिमालय प्राइड की घटना बताती है कि चेतावनी केवल नोटिस तक सीमित रही। जब तक जमीनी स्तर पर सख्त निरीक्षण और बिल्डरों पर वास्तविक कार्रवाई नहीं होती, ऐसी घटनाएं दोहराती रहेंगी और अगली बार नतीजा इससे कहीं ज्यादा गंभीर हो सकता है।​​​​​​​​​​​​​​​​

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