New Delhi news दिल्ली क्राइम ब्रांच की ऑटो थेफ्ट एंड स्नैचिंग सेल (एआरएससी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हाई-एंड लग्जरी कारों की चोरी में शामिल एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह के पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पकड़े गए आ रोपी की पहचान जुमा खान (39) निवासी थोबल (मणिपुर) के रूप मेंह ऊई है। यह गिरोह सारिक उर्फ साटा और आमिर पाशा द्वारा दुबई से ऑपरेट किया जा रहा था। इस कार्रवाई में गैंग के कुख्यात रिसीवर जुमा खान को मणिपुर के थोबल जिले से गिरफ्तार किया गया है।
डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि जुमा खान दिल्ली-एनसीआर के वाहन चोरों से चोरी की गई लग्जरी कारों का मुख्य खरीदार था। वह उत्तर-पूर्वी राज्यों में आरटीओ के जरिए वाहनों का फर्जी रजिस्ट्रेशन कराकर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचता था। आरोपी दिल्ली में वाहन चोरी के कई मामलों में वांछित था और कई केसों में उसे उद्घोषित अपराधी (पीओ) भी घोषित किया जा चुका है।
वाहन चोरी का हॉटस्पॉट था दिल्ली-एनसीआर
दिल्ली-एनसीआर देश में वाहन चोरी का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। आंकड़ों के मुताबिक देशभर में होने वाली कुल वाहन चोरी की 56 प्रतिशत से अधिक घटनाएं इसी क्षेत्र में दर्ज होती हैं। राजधानी में हर 14 मिनट में एक वाहन चोरी होता है। लग्जरी कारों की सड़क किनारे पार्किंग और आधुनिक की-प्रोग्रामिंग उपकरणों का इस्तेमाल वाहन चोरों के लिए चोरी को आसान बना देता है।
जांच और ऑपरेशन की पूरी कहानी
एआरएससी टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और मैनुअल इंटेलिजेंस के जरिए गिरोह की परतें खोलीं। पहले मामले में जून 2024 में आरोपी राज बाबू उर्फ अकीब की गिरफ्तारी हुई, जिससे नेटवर्क का खुलासा हुआ। दूसरे मामले में अगस्त 2024 में ताज मोहम्मद उर्फ ताजू की गिरफ्तारी के बाद सिंडिकेट की जड़ें कई राज्यों तक फैली मिलीं। अब तक 25 से ज्यादा चोरी की महंगी गाड़ियां बरामद की जा चुकी हैं।
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