हर्षित भट्ट मौत मामला: परीक्षा खत्म होने की खुशी में निकली पिकनिक मौत में बदल गई। अमिती यूनिवर्सिटी के फाइनल ईयर बीपीएड छात्र 23 वर्षीय हर्षित भट्ट की नोएडा सेक्टर-94 के पानी भरे गहरे गड्ढे (डेथ पिट) में डूबने से हुई मौत अब हत्या के एंगल से जांच हो रही है। नोएडा पुलिस ने आज थाना सेक्टर-126 में हर्षित के तीन दोस्तों हिमांशु, व्यास और कृष्ण के खिलाफ हत्या की धाराओं में FIR दर्ज कर ली है।
परिवार ने शिकायत में साफ कहा कि हर्षित बेहतरीन तैराक था, ‘पानी का राजा’ कहलाता था। फिर भी वह कैसे डूब गया? पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना (फेफड़ों में पानी और कीचड़ भरना) बताया गया है, लेकिन शरीर पर काले निशान, V-शेप के घाव और चोटों के निशान मिलने से परिवार को हत्या की आशंका है। हर्षित की मां दीपमाला ने पहले ही मोर्चरी में शव देखते हुए कहा था, “मेरा बेटा ट्रेंड स्विमर था। शरीर पर इतनी चोटें… लगता है किसी ने मारा है। तीनों दोस्तों पर शक है।”0
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने परिवार की शिकायत पर तुरंत संज्ञान लिया और तीनों दोस्तों को नामजद करते हुए हत्या का केस दर्ज किया। तीनों छात्रों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस सभी पहलुओं शराब की भूमिका, घटना के समय की परिस्थितियां और चोटों का कारण — की गहन जांच कर रही है। अभी तक पोस्टमार्टम में डूबने की पुष्टि हुई है, लेकिन viscera रिपोर्ट और आगे की जांच से सच्चाई सामने आएगी।
घटना 8 अप्रैल को दोपहर करीब 3 बजे की है। हर्षित परीक्षा खत्म होने के बाद तीन दोस्तों के साथ सेक्टर-94 के निर्माणाधीन गड्ढे (सुपरनोवा के पास) में पिकनिक मनाने गया था। गड्ढा करीब 20-40 फीट गहरा बताया जा रहा है, जिसमें पानी भरा था। बैरिकेडिंग के बावजूद खुला रास्ता होने से युवा वहां पहुंच गए। हर्षित पानी में उतरा तो डूब गया। दोस्तों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन वे खुद सुरक्षित निकले। एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की मदद से घंटे भर बाद शव निकाला गया।
सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया
X (पूर्व ट्विटर) पर #JusticeForHarshit और #NoidaDeathPit ट्रेंड कर रहे हैं। लोग लिख रहे हैं — “पहले युवराज मेहता, अब हर्षित… नोएडा अथॉरिटी के डेथ पिट कब बंद होंगे?” कई यूजर्स परिवार के दर्द को शेयर कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि तैराक लड़का कैसे डूब गया? कुछ पोस्ट्स में कहा गया कि “नशे की हालत में थे या फिर कोई साजिश?” परिवार की मांग है कि निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सख्त सजा मिले।
पिछला संदर्भ
यह घटना जनवरी 2026 में सेक्टर-150 में युवराज मेहता की इसी तरह की मौत की याद दिलाती है। तब भी नोएडा अथॉरिटी की लापरवाही पर सवाल उठे थे, लेकिन गड्ढे अभी भी खुले हैं। अमिती यूनिवर्सिटी ने शोक जताया है और पुलिस को पूरा सहयोग देने की बात कही। परिवार का दर्द अभी भी ताजा है। हर्षित गाजियाबाद के इंदिरापुरम शिप्रा रिवेरा का रहने वाला था। उसके पिता सेना में लद्दाख में तैनात हैं। छोटी बहन और माता-पिता अब न्याय की आस लगाए बैठे हैं। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल तीनों दोस्तों की भूमिका पर गौर किया जा रहा है। क्या यह हादसा था या हत्या? जवाब जांच के बाद मिलेगा। पूरा नोएडा इस मामले पर नजर रखे हुए है।

