Greater Noida West in a state of disrepair: सड़कें बदहाल, गड्ढों से हादसे बढ़े; निवासियों का गुस्सा फूटा, अथॉरिटी पर टालमटोल के आरोप

Greater Noida West in a state of disrepair: नोएडा एक्सटेंशन के नाम से मशहूर ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सड़कों की खराब हालत ने निवासियों का जीना मुहाल कर रखा है। ऊंची-ऊंची सोसायटियों और चमचमाते फ्लैट्स के बीच सर्विस रोड्स पर गहरे गड्ढे, धूल और टूटे हुए हिस्से रोजाना हादसों को न्योता दे रहे हैं। साल 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में भी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। निवासी सोशल मीडिया पर लगातार शिकायतें कर रहे हैं और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी पर टालमटोल का आरोप लगा रहे हैं।

जानलेवा बने गड्ढे, हादसे रोजाना
एटीएस गोलचक्कर से अरिहंत अंबर सोसायटी तक की सड़क की हालत सबसे खराब बताई जा रही है। एक निवासी ने हाल ही में वीडियो शेयर कर लिखा, “पूरी सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। अथॉरिटी से बार-बार अनुरोध करने पर भी कोई सुनवाई नहीं।” इसी तरह सेक्टर-1 में मेंशन रोड पर टूटी सड़कें जानलेवा साबित हो रही हैं। जलपुरा क्षेत्र में बीती रात एक बड़ा हादसा हुआ, जहां गड्ढे में वाहन फंसने से अफरा-तफरी मच गई।

सेक्टर-1 के निवासियों का कहना है कि “गड्ढों में सड़क है, सड़क में गड्ढे नहीं। रोज हादसे हो रहे हैं, लेकिन अथॉरिटी चुप है।” इंस्पायर स्कूल के पास मुख्य सड़क पर भी गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। कोहरे के मौसम में विजिबिलिटी कम होने से स्थिति और भयावह हो गई है। कई जगहों पर धूल उड़ना और निर्माण कार्य से प्रदूषण भी चरम पर है।

निवासियों की प्रतिक्रियाएं: थक गए शिकायत करने से
सोशल मीडिया पर निवासियों का गुस्सा साफ दिख रहा है। एक यूजर ने लिखा, “इतना टैक्स देते हैं, फिर भी सड़कें बदहाल। अथॉरिटी को कहते-कहते थक गए।” दूसरे ने कहा, “ग्रैप-4 लागू था तब भी निर्माण कार्य चल रहे हैं, धूल से सांस लेना मुश्किल। कब सुधरेंगी ये सड़कें?” कई लोग धरना-पदर्शन की चेतावनी दे रहे हैं। गौर सिटी और अम्रपाली सोसायटियों के आसपास भी पैचवर्क के नाम पर खानापूर्ति की शिकायतें आम हो गई हैं।

अथॉरिटी के दावे और नए प्रोजेक्ट्स
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की ओर से बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणाएं तो हो रही हैं। यमुना सिटी से लिंक रोड, फरीदाबाद कनेक्शन और एयरपोर्ट से जोड़ने वाली सड़कें बनाने की योजना है। कुछ जगहों पर रोड वाइडनिंग का काम भी चल रहा है। लेकिन निवासियों का कहना है कि ये बड़े प्रोजेक्ट्स हैं, जबकि रोजमर्रा की सर्विस रोड्स और मेंटेनेंस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। पहले के टेंडर्स की तरह ये भी फाइलों में ही दौड़ते रहेंगे, ऐसा डर है।

निवासियों की मांग है कि तत्काल गड्ढों की मरम्मत हो, स्ट्रीट लाइट्स ठीक की जाएं और निर्माण कार्य पर सख्ती बरती जाए। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी है। क्षेत्र के लाखों निवासी अच्छी सड़कों के लिए तरस रहे हैं, जबकि विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। सच्चाई जमीन पर कब उतरेगी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।

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