जमानत की शर्तों में रोहित को ट्रायल के दौरान साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने, गवाहों को धमकी न देने और कोर्ट की अनुमति बिना क्षेत्र छोड़ने की मनाही शामिल है। आरोपी पक्ष के वकीलों ने बताया कि सत्र अदालत में जल्द जमानती औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी, जिसके बाद रोहित की रिहाई संभव है।
पीड़ित पक्ष का विरोध और सुप्रीम कोर्ट अपील
पीड़ित निक्की के परिवार की ओर से इस फैसले का कड़ा विरोध किया गया है। उनके वकील उधम सिंह तोंगड़ ने कहा कि सभी आरोपी एक ही परिवार से हैं, इसलिए गवाहों को प्रभावित करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका बनी हुई है। उन्होंने व्यक्त किया कि हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की जाएगी। निक्की की सास दया की जमानत अर्जी पर 14 जनवरी को सत्र अदालत में सुनवाई होनी है, जबकि पति विपिन और ससुर सत्यवीर अभी जेल में हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
बता दें कि 21 अगस्त 2025 को सिरसा गांव में निक्की भाटी को ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई थी, जिसमें उनकी मौत हो गई। निक्की की बहन कंचन ने 22 अगस्त को पति विपिन, सास दया, ससुर सत्यवीर और जेठ रोहित के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने थिनर की बोतल बरामद की और सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। नवंबर 2025 में पुलिस ने 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें परिवार द्वारा साजिश रचकर हत्या करने का आरोप लगाया गया। निक्की के बेटे के बयान भी चार्जशीट का हिस्सा हैं।
यह मामला दहेज उत्पीड़न और पारिवारिक साजिश का प्रतीक बन चुका है, जिसने सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा बटोरी। फिलहाल अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं लंबित हैं और ट्रायल जारी है। मामले पर नजर बनी हुई है, खासकर सुप्रीम कोर्ट में अपील की संभावना को देखते हुए।

