
पुलिस और पीड़ित के अनुसार, ललित सैनी ग्रेटर नोएडा के जीटा-1 स्थित पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसायटी में परिवार के साथ रहते हैं। उनकी दोस्ती एक लॉजिस्टिक कंपनी के निदेशक मुकुल हरित से हुई थी। अगस्त 2022 में मुकुल ने ललित से मदद मांगी और कहा कि उसका सिबिल स्कोर कम होने की वजह से बैंक से लोन नहीं मिल रहा। इस पर ललित ने बुलंदशहर की एक बैंक से अपने नाम पर 8.40 लाख रुपये का लोन लिया और 21 अक्टूबर 2022 को यह रकम मुकुल के खाते में ट्रांसफर कर दी।
इसके बाद मुकुल ने ललित से अतिरिक्त दो लाख रुपये नकद भी ले लिए, जिससे कुल रकम 10 लाख रुपये हो गई। जब ललित ने पैसे वापस मांगे तो मुकुल ने न केवल इनकार कर दिया, बल्कि अभद्र व्यवहार किया और जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस में शुरुआती शिकायत पर कार्रवाई न होने के बाद ललित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के निर्देश पर सूरजपुर थाने में धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और जल्द कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मुकुल हरित के खिलाफ कोई गिरफ्तारी या आगे की कानूनी कार्यवाही की खबर नहीं आई है। यह मामला दोस्ती में विश्वास और लोन संबंधी धोखाधड़ी के जोखिम को उजागर करता है।

