GRAP-4 implemented in Delhi-NCR: निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी, ट्रक एंट्री में रिश्वत के आरोप; नोएडा-ग्रेटर नोएडा में पानी दूषित होने की शिकायतें

GRAP-4 implemented in Delhi-NCR: दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण GRAP स्टेज-4 फिर से लागू कर दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य और प्रतिबंधित वाहनों की एंट्री जारी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। साथ ही, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कुछ इलाकों में पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर लोग परेशान हैं। AQI ‘सीवियर’ कैटेगरी में पहुंचने से लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है।

GRAP-4 की सख्ती और उल्लंघन
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 17-18 जनवरी 2026 को दिल्ली-NCR में GRAP-4 लागू किया, क्योंकि AQI 400 से ऊपर पहुंच गया। रविवार (19 जनवरी) सुबह AQI 418 तक दर्ज किया गया, जो इस जनवरी का सबसे खराब स्तर है।

मुख्य प्रतिबंध:
• सभी निर्माण और डेमोलिशन कार्य पूरी तरह बंद।
• BS-VI से नीचे के नॉन-डेल्ही वाहनों और निर्माण सामग्री ट्रकों की एंट्री बैन।
• स्कूलों में हाइब्रिड क्लासेस, गैर-जरूरी ट्रक एंट्री पर रोक।
हालांकि, आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मी रिश्वत लेकर प्रतिबंधित ट्रकों को शहर में घुसने दे रहे हैं। AAP ने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें कथित तौर पर यह दिखाया गया है। इससे निर्माण साइट्स पर काम जारी रहने की आशंका बढ़ गई है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा खास करके चार मूर्ति का अंडर पास और आस पास में निर्माणाधीन हाउसिंग सोसैटियो में काम जारी है।
बिल्डर ग्रैप-4 नियमों की धज्जिया उड़ाये जा रहे है और आला अधिकारियों के तरफ़ से कुछ भी कार्यवाही नहीं की जा रही है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में पानी का संकट
ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 सेक्टर में जनवरी की शुरुआत (8 जनवरी 2026) में बड़ा पानी दूषित होने का मामला सामने आया था। पाइपलाइन डैमेज होने से सीवेज पानी की सप्लाई में मिल गया, जिससे दर्जनों लोग उल्टी-दस्त से बीमार पड़ गए। निवासियों ने इसे ‘इंदौर जैसी त्रासदी’ की आशंका बताई।
अभी भी कुछ इलाकों में पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें आ रही हैं। लोग कह रहे हैं कि पानी गंदा और बदबूदार आ रहा है, पीने लायक नहीं है। ग्राउंडवाटर ओवर-एक्सप्लोइटेशन के कारण भी सप्लाई प्रभावित है। अधिकारियों ने पाइपलाइन रिपेयर का दावा किया, लेकिन स्थानीय लोग संतुष्ट नहीं हैं और ऑडिट की मांग कर रहे हैं।

स्वास्थ्य और प्रशासन की चिंता
घने स्मॉग से फ्लाइट्स डिले हो रही हैं, सांस की बीमारियां बढ़ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से बाहर कम निकलने की अपील की है। GRAP-4 के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है, लेकिन जमीन पर अमल की कमी से लोग नाराज हैं।
यह स्थिति दिल्ली-NCR की पुरानी प्रदूषण और पानी की समस्याओं को फिर उजागर कर रही है।

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