गोवा नाइटक्लब आग: बर्च बाय रोमियो लेन आग में 25 मौतों के मामले में लुथरा भाइयों को कंडीशनल बेल मिली?

गोवा नाइटक्लब आग: गोवा के अर्पोरा में स्थित बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में 6 दिसंबर 2025 को लगी भीषण आग में 25 लोगों की मौत और करीब 50 लोगों के घायल होने के मामले में कोर्ट की ताजा सुनवाई में विकास हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मापुसा कोर्ट ने गौरव लुथरा और सौरभ लुथरा (क्लब के को-ओनर्स) को फॉर्जरी के अलग मामले में अग्रिम जमानत (anticipatory bail) देने से इनकार कर दिया है। हालांकि, मुख्य आग की घटना (fire case) में कुछ को-ओनर्स को कंडीशनल बेल मिल चुकी है, जिससे लुथरा भाइयों की बेल याचिका पर चर्चा तेज हो गई है।

घटना की याद

6 दिसंबर 2025 की रात करीब 12 बजे अर्पोरा गांव के इस पॉश नाइटक्लब में आग लग गई। प्रारंभिक जांच में आग अंदर फायरक्रACKers छोड़ने से शुरू होने का संदेह जताया गया। क्लब में पाम लीफ और अन्य ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल होने, फायर सेफ्टी नॉर्म्स की घोर अनदेखी और बिना उचित एनओसी के चलाने का मामला सामने आया।

मौत: 25 (जिनमें 5 पर्यटक और ज्यादातर स्टाफ शामिल)

घायल: लगभग 50, गोवा सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच, सभी नाइटक्लबों की ऑडिट और मुआवजा घोषित किया था।

लुथरा भाइयों की भूमिका और कानूनी स्थिति

गौरव और सौरभ लुथरा क्लब के मुख्य मालिक माने जाते हैं। आग लगने के कुछ घंटों के अंदर (दिसंबर 7 की सुबह 5:30 बजे) वे दिल्ली से थाईलैंड (फुकेट) भाग गए थे। थाई अथॉरिटीज ने उन्हें डिपोर्ट कर दिया और गोवा पुलिस ने गिरफ्तार किया। दोनों कोलवाले सेंट्रल जेल में हैं।

मुख्य आरोप:

फायर सेफ्टी, बिल्डिंग नॉर्म्स और लाइसेंस की अनदेखी| हेल्थ ऑफिस के एनओसी में फॉर्जरी (जाली दस्तावेज) का अलग मामला (मापुसा पुलिस द्वारा दर्ज)| 13 आरोपियों के खिलाफ फरवरी 2026 में 4150 पृष्ठों का चार्जशीट दाखिल किया गया

कोर्ट का ताजा फैसला (मार्च 2026)

27 मार्च 2026: मापुसा एडिशनल सेशंस कोर्ट ने लुथरा भाइयों की अग्रिम जमानत याचिका फॉर्जरी मामले में खारिज कर दी। अदालत ने उनकी फ्लाइट से भागने और गंभीरता को ध्यान में रखते हुए राहत देने से मना किया।

अन्य को-ओनर अजय गुप्ता को मार्च के तीसरे सप्ताह में कंडीशनल बेल मिल चुकी है (₹50,000 के बॉन्ड पर, पासपोर्ट सरेंडर करने और विदेश जाने की अनुमति लेने की शर्त के साथ)। लुथरा भाइयों की मुख्य फायर केस में दूसरी बेल याचिका पर सुनवाई चल रही थी। डिफेंस ने चार्जशीट दाखिल होने को “परिस्थितियों में बदलाव” बताते हुए पैरिटी (अजय गुप्ता को बेल मिलने) का हवाला दिया, लेकिन फॉर्जरी मामले में राहत नहीं मिली।

पुलिस और पीड़ित परिवारों का तर्क है कि लुथरा भाइयों ने आग की खबर मिलते ही देश छोड़ दिया, जो सबूत नष्ट करने या जांच से बचने का इरादा दर्शाता है। अदालत ने भी उनकी “पूर्ण उदासीनता” पर टिप्पणी की थी।

जांच की स्थिति

पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें मालिक, मैनेजर और कुछ सरकारी अधिकारी शामिल हैं। पूर्व सरपंच और पंचायत सचिव समेत कई लोगों पर कार्रवाई हुई। क्लब को सील कर दिया गया है और पूरे इलाके में नाइटक्लबों की सेफ्टी चेकिंग तेज कर दी गई है। पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं और कह रहे हैं कि जिम्मेदारों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। लुथरा भाइयों की बेल याचिका पर अगली सुनवाई का इंतजार है, लेकिन फॉर्जरी मामले में इनकार के बाद उनकी रिहाई मुश्किल नजर आ रही है। यह मामला गोवा में नाइटक्लबों में सुरक्षा मानकों की लापरवाही को फिर से उजागर करता है। जांच पूरी होने और ट्रायल शुरू होने में अभी समय लग सकता है।

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