Ghaziabad triple suicide case: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां तीन नाबालिग सगी-बहनें (उम्र 12, 14 और 16 साल) ने नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना 4 फरवरी की रात करीब 2 बजे भारत सिटी सोसाइटी में हुई। पुलिस जांच में पता चला है कि बहनें कोरियन कल्चर, के-पॉप म्यूजिक, कोरियन एक्टर्स और ड्रामा से बेहद प्रभावित थीं, और यही उनकी जिंदगी का केंद्र बन गया था।
पुलिस ने शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी कोरियन टास्क-बेस्ड गेमिंग ऐप की लत को कारण बताया था, लेकिन ताजा जांच में इस बात को खारिज कर दिया गया है। डीसीपी ट्रांस-हिंदोन निमिश पटेल ने कहा, “लड़कियां कोरियन कल्चर से गहराई से प्रभावित थीं। सुसाइड नोट और डायरी में इसका जिक्र है, लेकिन किसी खतरनाक गेम से जुड़े सबूत नहीं मिले है।” पुलिस मोबाइल फोन, डायरी और ऑनलाइन एक्टिविटी की जांच कर रही है।
सुसाइड नोट और डायरी से चौंकाने वाले खुलासे
घर से बरामद आठ पेज की डायरी और सुसाइड नोट में बहनों ने लिखा:
• “हम के-पॉप और कोरियन कल्चर को बहुत गहराई से प्यार करते हैं। आपको शायद समझ नहीं आया, लेकिन यह हमारी जिंदगी का बड़ा हिस्सा था।”
• “भारतीय नहीं, कोरियन से शादी करने का ख्याल हमें तनाव देता था। हम अपनी जिंदगी के बारे में भी ऐसे सोचने लगे थे। सॉरी पापा।”
• “कोरिया हमारी जिंदगी है। आप हमें इससे अलग करने की कोशिश कर रहे थे, अब समझिए हम इसे कितना प्यार करते हैं।”
नोट में परिवार से बार-बार माफी मांगी गई है और महसूस किया गया कि उन्हें समझा नहीं गया। बहनें खुद को ‘कोरियन प्रिंसेस’ कहती थीं और ऑनलाइन वेस्टर्न नाम (अलीजा, सिंडी, मारिया) इस्तेमाल करती थीं।
परिवार की स्थिति और ट्रिगर पीड़िताओं के पिता चेतन कुमार एक फॉरेक्स ट्रेडर हैं। उनके दो विवाह हैं- दोनों पत्नियां सगी बहनें हैं और पूरा परिवार साथ रहता था। कुल पांच बच्चे हैं (चार बेटियां और एक बेटा)। तीनों बहनें पिछले दो साल से स्कूल नहीं जा रही थीं और ज्यादातर समय फोन पर कोरियन कंटेंट देखने में बिताती थीं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पिता को करीब 10 दिन पहले बहनों के सोशल मीडिया अकाउंट के बारे में पता चला, जिस पर काफी फॉलोअर्स थे। उन्होंने अकाउंट डिलीट कर दिया और फोन छीन लिए। इससे बहनें बेहद परेशान हो गईं और कोरियन शोज-म्यूजिक से दूर होने का दुख उन्हें बर्दाश्त नहीं हुआ।
घटना के गवाहों का बयान कुछ गवाहों ने कहा कि दो बहनें हाथ पकड़कर कूदीं, जबकि तीसरी अलग से। एक गवाह के मुताबिक, एक बहन कूदने की कोशिश कर रही थी और बाकी दोनों उसे रोकने की कोशिश में खुद भी गिर गईं। कमरे का दरवाजा अंदर से लॉक था और परिवार ने दरवाजा तोड़ने तक बहनें कूद चुकी थीं।
पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि डिजिटल एडिक्शन और ऑनलाइन कल्चर का अंधानुकरण किशोरों के लिए खतरनाक हो सकता है। परिवार गम में डूबा है और समाज में इस घटना से सदमा फैला हुआ है।

