Ghaziabad Three sisters’ suicide case: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भारत सिटी सोसायटी में 4-5 फरवरी 2026 की रात तीन नाबालिग सगी बहनों (निशिका 16, प्राची 14 और पाखी 12) के नौवीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी करने का मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है। पुलिस जांच में लड़कियों के पिता चेतन कुमार (या चेतन गुर्जर) की जिंदगी से जुड़े चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिनमें तीन शादियाँ, एक लिव-इन पार्टनर की पुरानी मौत और परिवार की जटिल स्थिति शामिल है।
तीन पत्नियाँ, जो आपस में सगी बहनें
पुलिस के अनुसार, चेतन कुमार की तीन पत्नियाँ हैं – सुजाता, हीना और टीना। सबसे हैरान करने वाली बात यह कि ये तीनों पत्नियाँ आपस में सगी बहनें हैं। चेतन ने पहले सुजाता से शादी की, फिर बच्चे न होने की वजह से उनकी छोटी बहन हीना से, और बाद में सबसे छोटी बहन टीना से। टीना की उम्र करीब 22 साल है और उनके साथ चेतन की 3-4 साल की बेटी भी है।
जांच में विरोधाभास का मामला सामने आ रहा है। शुरू में चेतन ने टीना को अपनी साली बताया था, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि वह उनकी तीसरी पत्नी हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि टीना पहले चेतन की कर्मचारी थीं, जब वे क्रेडिट कार्ड सर्विसेज का काम करते थे। पूरे परिवार में चेतन, उनकी तीन पत्नियाँ और बच्चे एक साथ रहते थे।
2015 का पुराना सुसाइड केस फिर खुला
जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ है। साल 2015 में चेतन की एक लिव-इन पार्टनर की संदिग्ध मौत हुई थी, जब वह भी छत से कूदकर मरी थीं। पुलिस अब इस पुराने केस को फिर से खंगाल रही है और देख रही है कि मौजूदा मामले से इसका कोई संबंध तो नहीं।
कोरियन कल्चर और गेमिंग की लत मुख्य वजह?
लड़कियों की मौत से पहले परिवार में कोरियन गेम्स, ऐप्स और कल्चर को लेकर तनाव था। पुलिस के मुताबिक, बहनें कोरियन सीरीज, गेम्स और सेलिब्रिटी की दीवानी थीं। उन्होंने एक डायरी में 20 से ज्यादा गेम्स, ऐप्स और कैरेक्टर्स की लिस्ट लिखी थी। पिता ने उनकी गेमिंग लत की वजह से दोनों मोबाइल फोन छीन लिए थे – एक छह महीने पहले और दूसरा घटना से सिर्फ 15 दिन पहले कर्ज चुकाने के लिए बेच दिया था। लड़कियों ने सुसाइड नोट में लिखा था “सॉरी पापा”, लेकिन माँ का जिक्र नहीं था। पुलिस का कहना है कि टास्क-बेस्ड खतरनाक गेम्स का कोई सीधा सबूत नहीं मिला, लेकिन डिजिटल लत और मानसिक दबाव अहम कारण लग रहे हैं।
परिवार की दूसरी परेशानियाँ
तीन बेडरूम का फ्लैट होने के बावजूद पूरा परिवार एक ही कमरे में सोता था। लड़कियाँ कई साल से स्कूल नहीं जा रही थीं – आर्थिक तंगी और पढ़ाई में कमजोरी का हवाला दिया गया। चेतन स्टॉक ट्रेडिंग करते हैं, लेकिन परिवार कर्ज में डूबा हुआ था। घटना की रात लड़कियों ने कमरा अंदर से लॉक किया और खिड़की से कूद गईं। परिवार को तीन जोरदार आवाजें सुनाई दीं, लेकिन दरवाजा तोड़ने तक देर हो चुकी थी। पुलिस अब बेचे गए फोन्स को IMEI से ट्रेस कर रही है, स्कूल रिकॉर्ड्स खंगाल रही है और परिवार के सभी सदस्यों से लगातार पूछताछ कर रही है। पोस्टमॉर्टम में शॉक और हैमरेज से मौत की पुष्टि हुई है। यह मामला आर्थिक तंगी, टूटते पारिवारिक रिश्ते, डिजिटल लत और मानसिक दबाव की गहराई दिखा रहा है। जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।

