मोदी ने TMC पर गंभीर आरोप लगाए:
• केंद्रीय योजनाओं को ब्लॉक करना, खासकर आयुष्मान भारत— “बंगाल एकमात्र राज्य जहां यह स्कीम लागू नहीं है, TMC गरीबों को मदद नहीं लेने देती।”
• केंद्र का पैसा लूटना, बाढ़ राहत फंड CAG रिपोर्ट के मुताबिक लाभार्थियों तक नहीं पहुंचा।
• मालदा में फैक्ट्रियां न होने से माइग्रेशन, आम किसानों की उपेक्षा और गंगा-फुलहर नदी कटाव में TMC की अनदेखी।
मोदी ने महाराष्ट्र और BMC चुनाव में BJP की जीत का उदाहरण देते हुए कहा, “अब बंगाल की बारी है। Gen Z BJP के विकास मॉडल पर भरोसा करता है।” उन्होंने वादा किया कि BJP सरकार बनी तो बाढ़ की स्थायी समाधान, कोल्ड स्टोरेज बढ़ाकर मालदा के आम को नई ऊंचाई दी जाएगी। रैली में इमोशनल पल भी आया जब मोदी ने असुरक्षित प्लेटफॉर्म पर चढ़े लोगों से नीचे आने की अपील की।
TMC की तीखी प्रतिक्रिया
TMC ने मोदी की स्पीच को “खोखली” और “फोटो-ऑप पॉलिटिक्स” बताया। पार्टी ने आरोप लगाया कि मोदी ने मातुआ समुदाय की चिंताएं (SIR से जुड़े वोटर मुद्दे, बंगाली माइग्रेंट्स और केंद्र के फंड रिलीज) पूरी तरह इग्नोर कीं। TMC ने सेंट्रल फोर्सेस पर लोगों को डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया। एक नेता ने कहा, “मोदी जी बंगाल के विकास पर कुछ नहीं बोले, सिर्फ झूठे आरोप लगाए।”
रैली को BJP ने 2026 चुनाव की मजबूत शुरुआत बताया, जबकि TMC ने इसे “केंद्र की धमकी” करार दिया। बंगाल में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

