Gas cylinder crisis across the country: ईरान युद्ध के बीच भारत में खाना पकाने का संकट, होटल-रेस्टोरेंट में हड़कंप

Gas cylinder crisis across the country: मध्य-पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का सीधा असर अब आम भारतीयों की रसोई पर पड़ने लगा है। कन्याकुमारी से लेकर दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, पटना और रांची तक देश के कोने-कोने में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। महिलाएं, बुजुर्ग और चाहें युवा हो सभी घंटों से लाइन में खड़े हैं।

संकट की जड़: होर्मुज जलडमरूमध्य
इस संकट के पीछे मुख्य कारण पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ती जंग है। तेहरान के पलटवार के बाद ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के माध्यम से होने वाला समुद्री यातायात काफी कम हो गया है, और भारत अपनी गैस आयात के लिए इसी समुद्री मार्ग पर निर्भर है।

क्या है जमीनी हाल?
पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई गैस एजेंसियों ने रोक दी है। तेल कंपनियों के पास केवल दो दिन की गैस का स्टॉक बचा है, जिससे स्थिति चिंताजनक हो गई है। मुंबई और बेंगलुरु में 10 प्रतिशत होटल-रेस्टोरेंट्स को बंद रखने की घोषणा कर दी गई है। राजस्थान के उदयपुर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी का असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग व्यवसाय पर पड़ रहा है। शादी और पर्यटन सीजन के कारण गैस की खपत ज्यादा है। डीलरों को नए ऑर्डर न लेने के निर्देश मिलने से व्यापारियों की चिंता और बढ़ गई है।

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में गैस खत्म होने की अफवाह फैलते ही लोगों की भारी भीड़ गैस गोदामों पर उमड़ पड़ी। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी घंटों लाइन में खड़े दिखाई दिए। पुणे में नगर निगम द्वारा 18 शवदाह गृह अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं, जिससे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में भी कठिनाई आ रही है।

कीमतें भी बढ़ीं, कालाबाजारी भी
7 मार्च 2026 से सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की है। दिल्ली में अब यह 913 रुपये का हो गया है। वहीं कुछ डीलरों ने संकट का फायदा उठाते हुए 1,500 रुपये तक वसूले। दिल्ली में 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर 1,768 रुपये से बढ़कर 1,883 रुपये तक पहुंच गया है।

पहाड़ी राज्यों से लेकर महानगरों तक त्राहि-त्राहि
हिमाचल होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि छोटे-मध्यम होटल और ढाबे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं क्योंकि उनके पास वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत नहीं हैं। नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है। एसोसिएशन ने कहा कि केंद्र बार-बार कह रहा है कि गैस की सप्लाई पर कोई संकट नहीं है, लेकिन तेल कंपनियों ने अचानक सप्लाई रोक दी।

विपक्ष का हमला, सरकार का आश्वासन
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि पहले सरकार ने कमर्शियल और घरेलू एलपीजी के दाम बढ़ाए और अब महज 9-10 दिन की जंग में गैस की कमी हो गई है। उन्होंने इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय को जिम्मेदार ठहराया। वहीं दूसरी तरफ, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 6 मार्च को कहा था कि भारत में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। सरकारी सूत्रों के अनुसार 25-30 दिनों की मांग के लिए पर्याप्त स्टॉक और रणनीतिक भंडार हैं। साथ ही अमेरिका से एलपीजी आयात बढ़ाया जा रहा है और अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा व नॉर्वे से वैकल्पिक स्रोत तलाशे जा रहे हैं।

बुकिंग नियम हुए सख्त
जमाखोरी रोकने के लिए नई बुकिंग की वेटिंग पीरियड बढ़ाई गई है। सिंगल सिलेंडर वाले के लिए 21-25 दिन और डबल के लिए 30 दिन। घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई पहले की तरह जारी रहने का दावा किया जा रहा है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर जारी करना फिलहाल रोक दिया गया है। फिलहाल यह संकट कब तक खिंचेगा, यह मध्य-पूर्व में जारी युद्ध की दिशा पर निर्भर करता है। आम जनता की नजरें सरकार पर टिकी हैं कि वह इस संकट से कब और कैसे निकालती है।

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