Galgotias University controversy: AI समिट में चीनी रोबोट ‘ओरियन’ बताकर बवाल, यूपी विधानसभा में सपा ने उठाया मुद्दा; छात्रों ने मान्यता रद्द करने की मांग की

Galgotias University controversy: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर चीनी कंपनी Unitree Robotics का रोबोटिक डॉग ‘Unitree Go2’ को ‘ओरियन’ नाम देकर यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का विकास बताए जाने के विवाद ने तूल पकड़ लिया है। वायरल वीडियो में यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर नेहा सिंह ने डीडी न्यूज को बताया था कि यह रोबोट कैंपस में ही बनाया गया है। सोशल मीडिया पर फैक्ट-चेक के बाद बवाल मच गया।

समिट के आयोजकों और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के निर्देश पर यूनिवर्सिटी को एक्सपो एरिया से स्टॉल खाली करने को कहा गया। स्टॉल की बिजली काट दी गई। विवाद के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने माफी मांगी और स्पष्टीकरण जारी किया। यूनिवर्सिटी ने कहा, “हमारे प्रतिनिधि कैमरे के सामने उत्साह में गलत जानकारी दे बैठीं। वह प्रेस से बात करने के लिए अधिकृत नहीं थीं। हमने कभी दावा नहीं किया कि हमने यह रोबोट बनाया है।”

यूपी विधानसभा में सपा ने उठाया मुद्दा
आज बजट सत्र के 9वें दिन शून्यकाल में सपा विधायक पंकज मलिक और सचिन यादव ने इस मामले को उठाया। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच और यदि दोषी पाए गए तो यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द करने की मांग की। स्पीकर सतीश महाना ने मांग खारिज कर दी है। उन्होंने कहा, “यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नहीं, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली में आयोजित किया गया था। इसलिए विधानसभा में इस पर चर्चा नहीं हो सकती।”

छात्र संगठनों का प्रदर्शन
इस बीच नोएडा में गलगोटिया यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द करने, उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विदेशी उत्पाद को स्वदेशी बताकर भारत की अंतरराष्ट्रीय साख को ठेस पहुंचाई गई है। UP प्राइवेट यूनिवर्सिटी एक्ट के तहत राज्य की नजर
गलगोटिया यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश प्राइवेट यूनिवर्सिटी एक्ट, 2019 के अंतर्गत आती है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार अब पूरे मामले की समीक्षा कर सकती है। यूनिवर्सिटी के पास UGC मान्यता और NAAC A ग्रेड है, लेकिन अनैतिक प्रैक्टिस पर कार्रवाई का प्रावधान है।

विवाद ने पूरे एनसीआर में चर्चा छेड़ दी है। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐसी गलत प्रस्तुति से भारत की AI और रोबोटिक्स क्षमता पर सवाल उठते हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन अभी तक कोई और बयान जारी नहीं कर पाया है।
यह मामला एआई समिट के दौरान स्वदेशी नवाचार पर केंद्रित चर्चा को भी प्रभावित कर रहा है। छात्रों, शिक्षाविदों और विपक्षी दलों की मांग है कि ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाए ताकि भविष्य में दोहराव न हो।

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