हिंसा की शुरुआत शनिवार (8 फरवरी) रात को हुई, जब लिटान में तांगखुल नागा समुदाय के एक व्यक्ति पर कथित तौर पर 7-8 कुकी युवकों ने हमला किया। इसके बाद दोनों समुदायों के बीच पथराव शुरू हो गया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन रविवार देर रात अज्ञात लोगों ने कई घरों में आग लगा दी। मंगलवार सुबह फिर गोलीबारी की खबरें आईं, जिसके बाद राज्य सरकार ने उखरुल जिले में 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवा निलंबित कर दी ताकि अफवाहें न फैलें। जिला मजिस्ट्रेट ने लिटान और आसपास के क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू कर दिया है। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी है।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त
केंद्र और राज्य की सुरक्षा बलों की बड़ी टुकड़ियां तैनात की गई हैं। पुलिस और अर्द्धसैनिक बल इलाके में गश्त कर रहे हैं। अभी तक हिंसा में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन कई परिवारों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया है।
उखरुल जिला मुख्य रूप से नागा बहुल है, जबकि लिटान में दोनों समुदाय रहते हैं। मणिपुर में 2023 से चली आ रही जातीय हिंसा के बाद यह पहला बड़ा उखरुल में भड़का मामला है।प्रशासन ने दोनों समुदायों के नेताओं से शांति की अपील की है। स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। यह मामला विकसित हो रहा है, आगे अपडेट आने की उम्मीद है।

