दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और क्राइम ब्रांच नेपुलिस मुख्यालय स्थित आदर्श आॅडिटोरियम में जांच अधिकारियों के लिए एक विशेष संयुक्त प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया। हाइब्रिड मोड प्रशिक्षण में 209 अधिकारी भौतिक व 402 अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य जांच अधिकारियों को एनडीपीएस अधिनियम से जुड़ी कानूनी, तकनीकी और वित्तीय जांच के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराना था।
ुप्रशिक्षण शिविर में अवगत कराया गया कि दिल्ली पुलिस, विशेषकर क्राइम ब्रांच और एएनटीएफ, नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत लगातार कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही जागरूकता, पुनर्वास और सामुदायिक सहभागिता जैसे पहलुओं पर भी व्यापक रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है।
प्रशिक्षण में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे इस सत्र में प्राप्त जानकारी को जमीनी स्तर पर लागू करें और यह सुनिश्चित करें कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की विवेचना मजबूत साक्ष्यों और ठोस कानूनी आधार पर की जाए।
प्रशिक्षण में विशेष रूप से वाणिज्यिक मात्रा वाले मामलों में वित्तीय जांच को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया, ताकि मादक पदार्थ तस्करों की अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा सके।
इसके साथ ही पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत अधिक से अधिक प्रस्ताव तैयार कर निरोधात्मक आदेश जारी कराने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि नशा तस्करों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
प्रशिक्षण से जांच अधिकारियों की क्षमता में वृद्धि होगी
एनटीएफ के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अभिषेक धानिया तथा उपायुक्त राहुल अलवल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया और अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रशिक्षण से जांच अधिकारियों की क्षमता में वृद्धि होगी और नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
इस मौके पर एनसीबी के विधि सलाहकार जय प्रकाश दुबे, नेफेमा के सहायक कमिश्नर महाबीर सिंह, एसीपी अनिल शर्माÑ एसडीपीओ सरिता विहार,क्राइम ब्रांच आईटी सेंटर के एसीपी मुकेश राठी, एएनटीएफ क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर राकेश दुहन, एसआई अजय , अनुज सहरावत मौजूद रहे।



