एलिवेटेड रोड की खासियत
यह एलिवेटेड रोड छिजारसी गांव के ऊपर से गुजरेगी, ताकि स्थानीय निवासियों को कोई असुविधा न हो। मूल डीपीआर में इसका अनुमानित खर्च करीब 700 करोड़ रुपये था, लेकिन अब ताजा सर्वे के बाद नई लागत निर्धारित की जाएगी। इसके अलावा, 14.610 किमी पर 5.65 किमी लंबी एक और एलिवेटेड रोड प्रस्तावित है, जो हिंडन नदी के पुश्ते से गुजरेगी। अंत में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर अंडरपास बनेगा।
प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति
एक्सप्रेसवे के नोएडा हिस्से में करीब 17 किमी पर 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कुल 23 किमी का यह रूट छिजारसी से शुरू होकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को पार करते हुए यमुना तक जाएगा। बहलोलपुर के पास 3.68 किमी लंबा अंडरपास पहले ही बन चुका है। यमुना पर पुल का काम भी आगे बढ़ रहा है, जिसमें हरियाणा सरकार 50 प्रतिशत खर्च वहन करेगी।
तीन शहरों को सीधा जोड़ेगा एक्सप्रेसवे
एनसीआर के तीन प्रमुख शहरों—फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद—को जोड़ने वाला यह पहला एक्सप्रेसवे होगा। बनने के बाद गाजियाबाद और नोएडा से फरीदाबाद या गुरुग्राम जाने के लिए दिल्ली का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों (सेक्टर 63 से 90 तक) में स्थित 1000 से अधिक इकाइयों को सीधा फायदा मिलेगा। कालिंदी कुंज और मास्टर प्लान रोड पर ट्रैफिक का बोझ भी कम होगा। यह प्रोजेक्ट दशकों से लटका हुआ था, लेकिन अब सर्वे और निर्माण में तेजी आने की उम्मीद है। स्थानीय निवासियों और कम्यूटर्स के लिए यह लाइफलाइन साबित होगा। प्रोजेक्ट की प्रगति पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

