Iran Unrest : तेहरान/वॉशिंगटन। ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन के खिलाफ जनता का विरोध लगातार उग्र होता जा रहा है। देशभर में जारी प्रदर्शनों के दौरान अब तक 2,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 18 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार यह हाल के वर्षों में ईरान का सबसे बड़ा और घातक जनआंदोलन माना जा रहा है।
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इस बीच ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए पहली बार मौत की सजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार ने 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी को फांसी की सजा देने का फैसला किया है। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि इरफान को आज ही फांसी दी जा सकती है। इससे पहले सरकार ने सार्वजनिक रूप से प्रदर्शनकारियों को मृत्युदंड देने की घोषणा की थी।
ट्रंप का ईरान पर दबाव, व्यापार करने वाले देशों को चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव और तेज कर दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उस पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है। उन्होंने ईरान में प्रदर्शन कर रहे लोगों को “सच्चे देशभक्त” बताते हुए समर्थन जताया है। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को तत्काल देश छोड़ने की सलाह दी है।
एक बयान में ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी दी, तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह कार्रवाई किस प्रकार की होगी। ट्रंप ने कहा, “अगर फांसी दी गई, तो आप कुछ ऐसा देखेंगे, जो पहले कभी नहीं देखा गया।”
रूस की आलोचना, कतर ने की शांति की अपील
अमेरिका की नीति पर रूस ने कड़ी आपत्ति जताई है। रूस का कहना है कि ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और सैन्य धमकियां स्वीकार्य नहीं हैं। वहीं मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कतर ने हालात को शांत करने की कोशिशों का समर्थन किया है। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने ईरान के सुरक्षा अधिकारियों से बातचीत के बाद कहा कि दोहा तनाव कम करने और शांतिपूर्ण समाधान के हर प्रयास के साथ खड़ा है।
ईरान की चेतावनी, ट्रंप और नेतन्याहू पर आरोप
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव और पूर्व संसद अध्यक्ष अली लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बयान जारी करते हुए ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर गंभीर आरोप लगाए। लारीजानी ने लिखा कि ईरान के लोगों के “मुख्य हत्यारे” ट्रंप और नेतन्याहू हैं।
रेजा पहलवी का आह्वान, संघर्ष जारी रखने की अपील
निर्वासित युवराज रेजा पहलवी ने सोशल मीडिया पर ईरान की जनता से संघर्ष जारी रखने की अपील की है। उन्होंने लिखा कि दुनिया अब ईरानी जनता की आवाज सुन रही है और उसका जवाब भी दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह भ्रम नहीं फैलाने देना चाहिए कि हालात सामान्य हैं और इस संघर्ष का हिसाब जरूर होगा।
मानवाधिकार संगठन का दावा: 2,571 मौतें, 18,100 गिरफ्तार
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान में सरकारी कार्रवाई में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,571 हो गई है। इनमें 2,403 प्रदर्शनकारी, 147 सरकारी पक्ष से जुड़े लोग और 12 बच्चे शामिल हैं। संगठन का दावा है कि अब तक 18,100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, जो हाल के दशकों में ईरान के किसी भी आंदोलन से कहीं अधिक है।
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