मयूर विहार के सलवान स्कूल में फीस विवाद: पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज-3 स्थित सलवान पब्लिक स्कूल में फीस की मनमानी बढ़ोतरी के विरोध में अभिभावकों का गुस्सा अब सड़क पर आ गया है। मयूर विहार फेज-3 के सलवान पब्लिक स्कूल ने दिल्ली हाईकोर्ट के 2024 के अंतरिम आदेश के तुरंत बाद फीस में 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी की, और उसके बाद इस साल 19 प्रतिशत का अतिरिक्त इजाफा भी कर दिया। यानी दो वर्षों में कुल मिलाकर लगभग 57 प्रतिशत की वृद्धि की गई जो कि अभिभावकों को असहनीय लग रही है।
रिजल्ट रोके, नाम काटने की धमकी
मामले को और गंभीर बनाती है स्कूल की वह कार्रवाई जिसमें तकरीबन 40 बच्चों के परीक्षा परिणाम रोक दिए गए हैं। अभिभावकों को नोटिस थमाया गया है कि यदि बकाया फीस 1 अप्रैल तक नहीं भरी गई, तो उनके बच्चों का नाम स्कूल से काट दिया जाएगा। एक पेरेंट ने बताया कि उनकी 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी का नाम पहले ही काटा जा चुका था, जिससे उसकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।
इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि कक्षा में फीस न भरने वाले बच्चों का नाम जोर से पुकारा जाता है, जिससे वे शर्मिंदगी महसूस करते हैं। अभिभावकों ने बच्चों के मानसिक उत्पीड़न का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया है।
अभिभावकों का तर्क: DDA की जमीन, तो DoE की अनुमति जरूरी
अभिभावकों का साफ कहना है कि यह स्कूल DDA की भूमि पर बना है, इसलिए दिल्ली के नियमों के अनुसार किसी भी फीस वृद्धि से पहले शिक्षा विभाग (DoE) की स्वीकृति अनिवार्य है। उनका कहना है कि वे सरकार द्वारा अनुमोदित फीस देने को पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन स्कूल की एकतरफा वसूली स्वीकार नहीं करेंगे।
स्कूल प्रबंधन का पक्ष: 8 साल बाद बढ़ाई फीस
स्कूल प्रबंधन का तर्क है कि उन्होंने 2016 से 2024 तक फीस में कोई बदलाव नहीं किया था। उनका कहना है कि शिक्षकों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन देना और बढ़ते संस्थागत खर्चों को संभालना इस वृद्धि की जरूरत बनाता है। अभिभावकों की शिकायतों पर स्कूल प्रशासन से बातचीत में कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला।
व्यापक संदर्भ: पूरी दिल्ली में उबाल
यह विवाद केवल सलवान स्कूल तक सीमित नहीं है। इस साल दिल्ली में श्रृजन स्कूल, डीपीएस द्वारका, सलवान पब्लिक स्कूल मयूर विहार और बिरला विद्या निकेतन सहित कई स्कूलों के अभिभावकों ने अभूतपूर्व फीस वृद्धि की शिकायत की है, जो कहीं-कहीं 45 प्रतिशत तक पहुंची है। दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर कड़ा रुख अपनाया है और अब तक दस स्कूलों को शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं।
कोर्ट का ताजा रुख
दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने 28 फरवरी 2026 को एक अंतरिम आदेश में कहा कि निजी स्कूल शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए वही फीस वसूलेंगे जो उन्होंने पिछले शैक्षणिक वर्ष में ली थी। हालांकि AAP नेताओं का कहना है कि इसका मतलब है कि अप्रैल 2025 में की गई अत्यधिक फीस वृद्धि वापस नहीं होगी और मध्यम वर्ग के अभिभावकों को बढ़ी हुई दरें ही चुकानी पड़ेंगी।
आगे क्या?
सलवान स्कूल की प्रिंसिपल से संपर्क करने पर उनके PTM में व्यस्त होने की जानकारी दी गई। अभिभावकों का आंदोलन जारी है और उनकी एकमात्र मांग है, केवल सरकार द्वारा प्रमाणित फीस। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और 1 अप्रैल की समय सीमा नजदीक आने के साथ तनाव और बढ़ने की आशंका है। यह रिपोर्ट उपलब्ध स्रोतों और प्रत्यक्षदर्शी विवरणों पर आधारित है।

